राजस्थान के झुंझुनू जिले में तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे ममेरे भाई-बहन की मौत हो गई। हादसे में 4 साल की बच्ची गंभीर घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है।
झुंझुनू: राजस्थान के Jhunjhunu जिले में एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। तेज रफ्तार कार और बाइक की टक्कर में एक युवक और उसकी ममेरी बहन की मौत हो गई, जबकि एक 4 साल की मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई है।
यह हादसा सोमवार शाम करीब 5 बजे सदर थाना क्षेत्र में बीड़ चेकपोस्ट के पास हुआ। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि टक्कर के बाद बाइक सवार तीनों लोग हवा में उछलकर दूर जा गिरे।
इलाज से लौटते समय हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, हरिपुरा गांव निवासी 23 वर्षीय पवन काजला अपनी ममेरी बहन पूजा (30) और उसकी 4 साल की बेटी के साथ इलाज के लिए Jhunjhunu आया था।
तीनों बाइक पर सवार होकर वापस अपने गांव लौट रहे थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
हादसे के तुरंत बाद राहगीरों की मदद से घायलों को बीडीके अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने पवन को मृत घोषित कर दिया। पूजा की हालत गंभीर होने के कारण उसे जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
टक्कर इतनी तेज कि कार के शीशे पर जा गिरे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि पूजा और उसकी बेटी उछलकर पीछे आ रही दूसरी कार के शीशे पर जा गिरीं, जिससे कार का शीशा भी टूट गया।
हादसे के बाद बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों सड़क पर दूर-दूर जा गिरे। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।
इस दुर्घटना की भयावहता इस बात से समझी जा सकती है कि टक्कर के बाद दोनों वाहनों को भी भारी नुकसान हुआ।
4 साल की बच्ची जिंदगी की जंग लड़ रही
हादसे में घायल 4 साल की बच्ची गर्वी का इलाज फिलहाल जयपुर के पास चौमूं के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
राहगीरों की तत्परता से बच्ची को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसकी जान बचाने की उम्मीद बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, रास्ते में बच्ची की हालत बिगड़ने पर एक स्थानीय व्यक्ति ने उसे लगातार CPR देकर उसकी सांसें बनाए रखने की कोशिश की, जो सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।
राहगीरों ने दिखाई मानवता, समय पर पहुंचाया अस्पताल
इस हादसे में जहां एक ओर लापरवाही और तेज रफ्तार ने दो जिंदगियां छीन लीं, वहीं दूसरी ओर राहगीरों की संवेदनशीलता भी सामने आई।
चिड़ावा के पूर्व उप प्रधान विपिन नूनिया और उनके साथी ने एंबुलेंस का इंतजार किए बिना अपनी गाड़ी से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
रास्ते में बच्ची की हालत बिगड़ने पर उन्होंने उसे प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता (CPR) दी, जिससे उसकी सांसें चलती रहीं और उसे समय पर इलाज मिल सका।
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परिवार की पृष्ठभूमि और दर्दनाक संयोग
परिजनों के अनुसार, पूजा बचपन से ही अपने बुआ-फूफा के पास पली-बढ़ी थी। उन्होंने ही उसका पालन-पोषण किया और बाद में उसकी शादी कराई।
पूजा हाल ही में सांस की बीमारी से परेशान थी और इलाज के लिए शहर आई थी। इलाज के बाद लौटते समय यह हादसा हो गया।
वहीं, मृतक पवन काजला गुजरात में एक निजी फैक्ट्री में मजदूरी करता था और कुछ दिन पहले ही गांव आया था। परिवार में 23 अप्रैल को एक पारिवारिक कार्यक्रम भी तय था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया, जिससे पूरे परिवार में मातम छा गया।
पुलिस जांच जारी, तेज रफ्तार बनी वजह
सदर थाना पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार कार बताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि वाहन चालक की पहचान और उसकी भूमिका की जांच की जा रही है, ताकि घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरे को उजागर करता है। भारत में हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें अधिकांश मामले ओवरस्पीडिंग और लापरवाही के होते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त ट्रैफिक नियमों का पालन, बेहतर सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों में जागरूकता बढ़ाने से ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।









