Jio IPO: ₹8,110 करोड़ की एंकर बुक पर ₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां, निवेशकों में जबरदस्त उत्साह

Jio Platforms IPO: जियो के ₹8,110 करोड़ के एंकर बुक को करीब ₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां मिली हैं। ऑफर के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा मांग दर्ज हुई। जानें Jio IPO की

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजार में लिस्टिंग से पहले ही देश-विदेश के बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस आईपीओ में दिलचस्पी दिखाई है।

बिजनेस न्यूज़: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर संस्थागत निवेशकों में जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिली है। कंपनी की ₹8,110 करोड़ की एंकर बुक के लिए करीब ₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां मिलने की खबर है। यह उपलब्ध राशि के मुकाबले 30 गुना से अधिक मांग को दर्शाता है। इस मजबूत प्रतिक्रिया ने भारत के शेयर बाजार में आने वाले सबसे चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में शामिल जियो आईपीओ पर निवेशकों का ध्यान और बढ़ा दिया है। 

एंकर बुक में वैश्विक निवेशकों की भागीदारी

जियो प्लेटफॉर्म्स की एंकर बुक में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश प्रबंधकों और सरकारी निवेश संस्थानों ने दिलचस्पी दिखाई है। रिपोर्टों के मुताबिक, ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन और इनवेस्को जैसे संस्थान बोली लगाने वालों में शामिल हैं।

इसके अलावा सिंगापुर के जीआईसी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे सरकारी निवेश संस्थानों की भागीदारी भी रिपोर्ट की गई है। भारतीय निवेशकों में एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड और अन्य घरेलू संस्थानों के साथ बीमा कंपनियों की दिलचस्पी का भी उल्लेख किया गया है। 

एंकर निवेशक वे बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें आईपीओ खुलने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेयर आवंटित किए जा सकते हैं। हालांकि, कुल बोलियों का मूल्य वास्तविक आवंटन या निवेशकों को मिलने वाले शेयरों की अंतिम संख्या के बराबर नहीं होता।

21 अक्टूबर को खुलेगा जियो का आईपीओ

Jio IPO: ₹8,110 करोड़ की एंकर बुक पर ₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां, निवेशकों में जबरदस्त उत्साह

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को आम निवेशकों के लिए खुलने और 23 अक्टूबर को बंद होने वाला है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी इस निर्गम से लगभग ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। शेयरों का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। निर्गम में अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। 

ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का संभावित मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बताया गया है। इस आकार के कारण यह आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के प्रमुख निर्गमों में शामिल हो सकता है। हालांकि, अंतिम मूल्यांकन और शेयर बाजार में प्रदर्शन का आकलन लिस्टिंग के समय बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग के आधार पर ही किया जा सकेगा। 

क्या करती है जियो प्लेटफॉर्म्स?

जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार से जुड़ी कंपनी है। इसके कारोबार में मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाएं और एंटरप्राइज समाधानों से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं। कंपनी की दूरसंचार सेवाओं ने भारत में मोबाइल डेटा और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रिपोर्टों के अनुसार, जून 2026 तक जियो के ग्राहकों की संख्या लगभग 53.33 करोड़ थी। कंपनी भारत के डेटा ट्रैफिक में भी बड़ी हिस्सेदारी रखती है। अब डिजिटल सेवाओं के साथ क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में अवसर तलाशना भी उसके कारोबार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। 

आईपीओ से जुटाई रकम का कहां होगा इस्तेमाल?

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने या पहले से भुगतान करने में इस्तेमाल किया जा सकता है। शेष राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर किस तरह असर डाल सकता है। 

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