जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में सेना और पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में एक पाकिस्तानी आतंकी मारा गया। घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया गया। वहीं पुंछ में ऑपरेशन के दौरान सेना के एक JCO सूबेदार संदीप कुमार ढाका शहीद हो गए।
Uri Encounter: जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया है। यह कार्रवाई 14 और 15 मार्च की दरमियानी रात को की गई। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा बलों को सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर तुरंत ऑपरेशन शुरू किया गया। सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
इस दौरान सुरक्षा बलों को झाड़ियों के बीच संदिग्ध हलचल दिखाई दी। जब सुरक्षा बलों ने संदिग्ध व्यक्ति को रोकने और पहचान बताने के लिए ललकारा तो उसने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद हुई मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी आतंकवादी मारा गया। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने के लिए की गई थी और इससे सीमा पार से आने वाले आतंकियों की योजना विफल हो गई।
खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू हुआ अभियान
सेना के अनुसार यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली एक खास खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था। जानकारी में बताया गया था कि कुछ आतंकी सीमा पार से उरी सेक्टर के रास्ते भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी इनपुट के बाद सेना और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई। रात के समय सुरक्षा बलों ने बुछार इलाके में घेराबंदी की और संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी।
ऑपरेशन के दौरान जवानों ने अपनी घात लगाने की स्थिति यानी ambush position को बदलते हुए इलाके को पूरी तरह घेर लिया। जैसे ही संदिग्ध हलचल दिखाई दी, जवानों ने उसे चुनौती दी। इसके बाद आतंकवादी ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने भी फायरिंग की और कुछ ही समय में आतंकवादी को मार गिराया। अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन बेहद सतर्कता और रणनीति के साथ किया गया।
मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद
मुठभेड़ खत्म होने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की तलाशी ली। तलाशी के दौरान आतंकवादी के पास से युद्ध में इस्तेमाल होने वाला काफी सामान बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से एक AK राइफल, पिस्तौल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है। इसके अलावा कुछ अन्य संदिग्ध सामान भी मिला है जिसकी जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह आतंकी किसी बड़े मिशन के साथ भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि समय रहते सुरक्षा बलों की सतर्कता से उसकी योजना नाकाम हो गई। बरामद हथियारों और सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस आतंकी का संबंध किस संगठन से था और उसका नेटवर्क किन लोगों से जुड़ा हो सकता है।
इलाके में जारी है सर्च ऑपरेशन
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सुरक्षा बलों ने बताया कि मुठभेड़ के बाद भी इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आसपास कहीं और कोई घुसपैठिया छिपा हुआ न हो। सेना और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार इलाके की निगरानी कर रही है और आसपास के जंगलों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही है।
अधिकारियों का कहना है कि सीमा से लगे क्षेत्रों में अक्सर घुसपैठ की कोशिशें होती रहती हैं, इसलिए सुरक्षा बल हर समय सतर्क रहते हैं। उरी सेक्टर पहले भी घुसपैठ की कोशिशों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। इसी कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत रखी जाती है। सेना का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी किसी भी कोशिश को सख्ती से नाकाम किया जाएगा।
आतंकवाद के खिलाफ लगातार अभियान
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर कई ऑपरेशन संचालित कर रही हैं ताकि आतंकियों के नेटवर्क को कमजोर किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार हाल के महीनों में कई आतंकियों को मार गिराया गया है और कई घुसपैठ की कोशिशों को भी नाकाम किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा पार से आतंकी संगठनों द्वारा घुसपैठ कराने की कोशिशें जारी रहती हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ इन गतिविधियों पर नजर रखते हैं। इस वजह से कई बार आतंकियों को सीमा पर ही रोक लिया जाता है। उरी सेक्टर में हुई हालिया मुठभेड़ को भी इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
पुंछ में ऑपरेशन के दौरान सेना के JCO शहीद
इस बीच जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले से एक दुखद खबर भी सामने आई है। आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर यानी JCO शहीद हो गए। सेना के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब पुंछ के सामान्य इलाके में ऑपरेशन शेरि कलां चल रहा था। कठिन और ऊबड़-खाबड़ इलाके में ऑपरेशन के दौरान सूबेदार संदीप कुमार ढाका फिसलकर गिर गए।
इसके बाद उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। साथियों ने तुरंत उन्हें पोथा स्थित मिलिट्री अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और वह ड्यूटी निभाते हुए शहीद हो गए। सेना ने इस घटना की पुष्टि करते हुए शहीद सैनिक को श्रद्धांजलि दी।
सेना ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
भारतीय सेना ने शहीद सूबेदार संदीप कुमार ढाका के साहस और समर्पण को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। सेना की व्हाइट नाइट कोर ने कहा कि यह वीर सैनिक देश की सेवा करते हुए अपने कर्तव्य का पालन कर रहा था। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपना दायित्व निभाया और अंत तक देश की सुरक्षा के लिए समर्पित रहे।
सेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस कठिन समय में वह शहीद के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। व्हाइट नाइट कोर ने कहा कि देश हमेशा उस बहादुर सैनिक को याद रखेगा जिसने अपनी आखिरी सांस तक देश की रक्षा की।









