बिहार के जमुई में हत्या-लूट के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। दो SI समेत तीन जवान घायल हुए। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
जमुई; बिहार के जमुई जिले में सोमवार को उस समय बड़ा हंगामा हो गया जब एक फरार अपराधी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों और आरोपी के समर्थकों ने हमला कर दिया। इस घटना में दो सब-इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गुप्त सूचना पर सादे कपड़ों में पहुंची थी पुलिस टीम
पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्या और लूट के कई मामलों में वांछित आरोपी ढेबू यादव अपने गांव खैरमा यादव टोला में मौजूद है। इसी आधार पर जमुई पुलिस की टीम सिविल ड्रेस में उसे पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची।
पहचान छिपी होने से बढ़ा विवाद, अचानक हुआ हमला
जैसे ही पुलिस टीम आरोपी को पकड़ने के लिए आगे बढ़ी, ढेबू यादव और उसके समर्थकों को शक हुआ कि कोई दुश्मन पक्ष हमला करने आया है। इसी भ्रम में उन्होंने लाठी-डंडों से पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मी संभल नहीं पाए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
तीन पुलिसकर्मी घायल, आरोपी भी चोटिल
इस हमले में टाउन थाना में तैनात एसआई सुनील कुमार, रणवीर कुमार और एक अन्य जवान घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है, हालांकि कुछ पुलिसकर्मियों के सिर में चोटें आई हैं और सीटी स्कैन किया गया है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और बचाव का दावा
मुख्य आरोपी ढेबू यादव को भी पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने दावा किया कि वह सादे कपड़ों में आए लोगों को पहचान नहीं सका और उन्हें अपराधी समझकर हमला कर दिया।
हालांकि पुलिस इस दावे को संदेह की नजर से देख रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, ढेबू यादव पर हत्या, लूट और मारपीट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई और गिरफ्तारी
हमले के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और अतिरिक्त बल बुलाया गया। कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या यह हमला पूर्व नियोजित था या अचानक हुआ।
इलाके में तनाव, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
घटना के बाद खैरमा यादव टोला और आसपास के क्षेत्रों में तनाव फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया और भीड़ को तितर-बितर किया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
एसडीपीओ सतीश सुमन ने कहा कि पुलिस टीम पर हमला गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।










