जयपुर में शादी के डिजिटल कार्ड के नाम पर साइबर ठगी, व्हाट्सएप लिंक से खाली हो सकते हैं बैंक खाते

जयपुर में शादी कार्ड के नाम पर साइबर ठगी के नए मामले सामने आए हैं। व्हाट्सएप लिंक और APK फाइल से बैंक डिटेल चोरी हो सकती है, पुलिस ने अलर्ट जारी किया है।

व्हाट्सएप और लिंक के जरिए साइबर ठगी के तीन खतरनाक तरीके सामने आए हैं, जिनमें APK फाइल, फिशिंग लिंक और इमोशनल ब्लैकमेल शामिल हैं। ये तरीके फोन और बैंक डिटेल्स को खतरे में डाल सकते हैं।

जयपुर: साइबर फ्रॉड अलर्ट के तहत व्हाट्सएप और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए ठगी के नए और खतरनाक तरीके तेजी से सामने आ रहे हैं। ठग APK फाइल, फर्जी लिंक और इमोशनल मैसेज के जरिए लोगों के मोबाइल और बैंक डाटा तक पहुंच बना रहे हैं। ये घटनाएं खासकर शादी कार्ड या परिचित के नाम से भेजे गए संदेशों के जरिए होती हैं, जिससे लोग आसानी से शिकार बन जाते हैं। साइबर पुलिस ने सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी है।

ऑनलाइन ठगी के नए तरीकेशादी: कार्ड के नाम पर साइबर फ्रॉड से सावधान

जयपुर में शादी के डिजिटल कार्ड के नाम पर साइबर ठगी, व्हाट्सएप लिंक से खाली हो सकते हैं बैंक खाते

आजकल साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का सहारा ले रहे हैं। खासकर “शादी कार्ड” या “इनविटेशन फाइल” के नाम पर भेजी जाने वाली फाइलें और लिंक लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गई हैं। एक छोटी सी गलती मोबाइल हैक और बैंक डिटेल्स चोरी तक पहुंचा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फ्रॉड में लोग अनजाने में खुद ही अपने फोन की सुरक्षा खतरे में डाल देते हैं। हैकर्स इसी भरोसे का फायदा उठाकर ओटीपी, बैंक जानकारी और निजी डेटा तक पहुंच बना लेते हैं।

APK फाइल और फिशिंग लिंक से कैसे होता है साइबर अटै

इस तरह की ठगी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल APK फाइल्स और फर्जी लिंक का होता है। “Marriage.apk” जैसी फाइल भेजकर लोगों को लगता है कि यह शादी का कार्ड है, लेकिन इंस्टॉल करते ही मोबाइल का कंट्रोल हैकर्स के पास चला जाता है।

वहीं फिशिंग लिंक के जरिए यूजर को एक नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है। वहां मोबाइल नंबर या बैंक डिटेल भरते ही सारी जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच जाती है, जिससे आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।

इमोशनल ट्रैप और बचाव के जरूरी उपाय

तीसरा तरीका इमोशनल ट्रैप होता है, जिसमें किसी जानने वाले के नाम से मैसेज भेजा जाता है। “शादी का कार्ड देख लो” जैसे मैसेज पर लोग बिना जांचे लिंक खोल देते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।

  • किसी भी APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें
  • छोटे लिंक (bit.ly, tinyurl) पर क्लिक करने से पहले सावधानी रखें
  • संदिग्ध मैसेज आने पर कॉल करके पुष्टि जरूर करें
  • Google Play Protect को हमेशा ऑन रखें
  • अनजान या संदिग्ध इनवाइट्स को नजरअंदाज करे

ठगी होने पर तुरंत कहां करें शिकायत

अगर कोई व्यक्ति इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो तुरंत शिकायत दर्ज करना बेहद जरूरी है, ताकि नुकसान को रोका जा सके।

  • डेस्क 9256001930 या 9257510100 पर संपर्क करें
  • cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
  • नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में रिपोर्ट करें
  • साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से इस तरह के फ्रॉड से आसानी से बचा जा सकता है।

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