ब्रिटेन में जून 2026 की महंगाई दर घटकर 2.6 प्रतिशत हो गई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट से राहत मिली, लेकिन विशेषज्ञों ने ऊर्जा बिलों और वैश्विक तेल कीमतों के कारण भविष्य में महंगाई बढ़ने की चेतावनी दी है।
लंदन: ब्रिटेन में महंगाई दर (Inflation Rate) में जून महीने में गिरावट दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में समाप्त हुए 12 महीनों में देश की मुद्रास्फीति दर घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई, जो मई में 2.8 प्रतिशत थी। महंगाई में यह कमी मुख्य रूप से पेट्रोल और खासकर डीजल की कीमतों में गिरावट के कारण आई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत लंबे समय तक जारी रहने की संभावना कम है। ऊर्जा बिलों में बढ़ोतरी और वैश्विक स्तर पर तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले महीनों में फिर से महंगाई पर दबाव डाल सकते हैं।
बैंक ऑफ इंग्लैंड के लक्ष्य के करीब पहुंची महंगाई
ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक बैंक ऑफ इंग्लैंड ने महंगाई का लक्ष्य 2 प्रतिशत निर्धारित किया है। जून में 2.6 प्रतिशत की दर इस लक्ष्य से अभी भी ऊपर है, लेकिन पिछले महीनों की तुलना में इसमें सुधार देखा गया है। नई सरकार के लिए यह आंकड़ा राहत देने वाला माना जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और वित्त मंत्री जॉन हीली ने सत्ता संभालने के बाद जीवन-यापन की लागत कम करना अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट का असर
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ONS) के अनुसार, जून में मोटर ईंधन की कीमतों में गिरावट ने महंगाई दर को नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई। आंकड़ों के मुताबिक, पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर लगभग 2.1 पेंस की कमी आई और औसत कीमत 155.3 पेंस प्रति लीटर तक पहुंच गई। वहीं डीजल की कीमतों में इससे भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मई से जून के बीच डीजल लगभग 10.7 पेंस प्रति लीटर सस्ता हुआ और इसकी औसत कीमत 176.4 पेंस प्रति लीटर रही। यह पहली बार है जब ईरान से जुड़े मध्य-पूर्व तनाव की शुरुआत के बाद पेट्रोल की कीमतों में राहत देखने को मिली है।
ऊर्जा बिलों में बढ़ोतरी से फिर बढ़ सकती है महंगाई
हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि महंगाई में यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई में इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड के लाखों परिवारों के लिए ऊर्जा बिलों में लगभग 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसका असर अगले महंगाई आंकड़ों में दिखाई दे सकता है। इसके अलावा मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति पर असर पड़ने से कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा तेजी आ सकती है। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो महंगाई फिर बढ़ने का खतरा रहेगा।
सरकार ने बताया परिवारों के लिए अच्छी खबर
ब्रिटेन के नए वित्त मंत्री जॉन हीली ने महंगाई दर में गिरावट को परिवारों के लिए अच्छी खबर बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को आर्थिक दबाव से राहत देना है, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। हीली ने सरकार के हालिया फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि घरेलू बिजली बिलों पर VAT कम करने और बस किराए की सीमा तय करने जैसी योजनाएं आम लोगों के खर्च को कम करने में मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि नई सरकार के शुरुआती दिनों में ही जीवन-यापन की लागत को केंद्र में रखा गया है और आगे भी इसी दिशा में काम किया जाएगा।
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विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
महंगाई दर में गिरावट के बावजूद विपक्ष ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं। कंजर्वेटिव पार्टी के छाया वित्त मंत्री मेल स्ट्राइड ने 2.6 प्रतिशत की महंगाई दर को परिवारों के लिए चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह अभी भी बैंक ऑफ इंग्लैंड के 2 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर है। स्ट्राइड ने आरोप लगाया कि लेबर सरकार की टैक्स नीतियां और बढ़ता सरकारी कर्ज महंगाई को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई खर्चों की घोषणा की है, लेकिन उनके लिए स्पष्ट वित्तीय योजना नहीं बताई गई है।
खाने-पीने की कुछ वस्तुएं भी हुईं सस्ती
ONS के आंकड़ों के अनुसार, महंगाई दर कम होने में केवल ईंधन ही नहीं बल्कि कुछ खाद्य उत्पादों की कीमतों में गिरावट का भी योगदान रहा। चॉकलेट, मार्जरीन और बीफ जैसी वस्तुओं की कीमतों में कमी दर्ज की गई। इसके अलावा गर्मियों की सेल के दौरान कपड़ों की कीमतों में भी पिछले साल की तुलना में अधिक गिरावट देखी गई। इन बदलावों ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index) को नीचे लाने में मदद की।
वैश्विक घटनाओं का ब्रिटेन की महंगाई पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिटेन की महंगाई केवल घरेलू नीतियों से प्रभावित नहीं होती, बल्कि वैश्विक घटनाओं का भी बड़ा प्रभाव पड़ता है। मध्य-पूर्व में तनाव, तेल आपूर्ति मार्गों की स्थिति और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव ब्रिटेन की कीमतों को सीधे प्रभावित करते हैं। जून में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियों में अस्थायी कमी और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति को लेकर स्थिरता के कारण ईंधन कीमतों में राहत मिली थी। लेकिन बाद में तनाव बढ़ने से तेल कीमतों पर फिर दबाव देखा गया।
महंगाई अभी भी 2022 के रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे
ब्रिटेन में महंगाई अक्टूबर 2022 में 11.1 प्रतिशत के 40 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद से इसमें लगातार गिरावट आई है। मई 2026 में महंगाई दर 2.8 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 2.6 प्रतिशत हो गई है। हालांकि यह बैंक ऑफ इंग्लैंड के लक्ष्य से ऊपर है, लेकिन 2022 के रिकॉर्ड स्तर की तुलना में काफी कम है।
आगे की चुनौती
ब्रिटेन सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह महंगाई को नियंत्रित रखने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी गति दे। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और वित्त मंत्री जॉन हीली ने संकेत दिया है कि सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए आगे भी कदम उठाएगी। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा कीमतें और वैश्विक बाजार आने वाले महीनों में महंगाई की दिशा तय करेंगे। फिलहाल जून के आंकड़े सरकार के लिए सकारात्मक संकेत जरूर हैं, लेकिन लंबे समय तक स्थिर महंगाई बनाए रखना सबसे बड़ी आर्थिक परीक्षा होगी।









