हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत पुलिस ने कार में सवार एक युवक को कथित तौर पर हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान पुलिस को नशीला पदार्थ बरामद हुआ, जिसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने जिस कार से आरोपी जा रहा था, उसे भी कब्जे में ले लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी कार में सवार होकर जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम ने उसे संदिग्ध परिस्थितियों में रोककर वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान हेरोइन बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा और उसकी कीमत से संबंधित विस्तृत जानकारी पुलिस की आगे की जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर सामने आएगी।
कांगड़ा में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस पिछले कुछ समय से विशेष अभियान चला रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें संदिग्ध वाहनों और लोगों पर नजर रख रही हैं। इसके अलावा नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले लोगों तक पहुंचने के लिए पुराने मामलों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का फोकस केवल नशीला पदार्थ बरामद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पता लगाने पर भी है कि आरोपी को हेरोइन कहां से मिली और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था।
कांगड़ा जिले में चिट्टा और हेरोइन की तस्करी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। पंजाब से सटे होने के कारण जिले के कुछ इलाकों में नशीले पदार्थों की सप्लाई को लेकर पुलिस विशेष सतर्कता बरतती है। जून 2026 में कांगड़ा पुलिस ने 'ऑपरेशन नया सवेरा' के तहत एक अंतरराज्यीय हेरोइन नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया था। उस कार्रवाई में 16 लोगों की गिरफ्तारी, 167.18 ग्राम हेरोइन, एक मालवाहक वाहन और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे। पुलिस के मुताबिक उस नेटवर्क की सप्लाई हिमाचल और पंजाब के बीच संचालित हो रही थी।
ताजा मामले में कार को भी जब्त किया जाना जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि वाहन का इस्तेमाल केवल आरोपी के आने-जाने के लिए हुआ था या नशीले पदार्थ की सप्लाई में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा था। वाहन की जांच, आरोपी के मोबाइल फोन और संपर्कों की पड़ताल तथा उसके पिछले रिकॉर्ड को खंगालने से पुलिस को कथित नेटवर्क के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है।
हाल के दिनों में कांगड़ा जिले में नशे के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयां सामने आई हैं। 4 सितंबर को नूरपुर पुलिस की CIA टीम ने इंदौरा के उलैहड़ियां क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 260 ग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा किया था। इस मामले में 19 वर्षीय संजू कुमार को गिरफ्तार किया गया और पुलिस ने उस वाहन को भी जब्त किया जिसमें नशीला पदार्थ मिलने की बात कही गई। पुलिस के मुताबिक बरामद पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 70 लाख रुपये आंकी गई थी।
कांगड़ा में पुलिस की कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि नशीले पदार्थों की छोटी-बड़ी खेप को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद नाके और तलाशी अभियान चला रही है। कई मामलों में आरोपी वाहन के जरिए नशीले पदार्थ को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की कोशिश करते हुए पकड़े गए हैं।
पुलिस के लिए ऐसे मामलों में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी नशीले पदार्थ की बरामदगी के बाद शुरू होने वाली जांच होती है। आरोपी से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि उसे माल किसने उपलब्ध कराया था। इसके बाद कथित सप्लायर और आगे की सप्लाई चेन तक पहुंचने की कोशिश की जाती है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा बरामदगी की प्रक्रिया और साक्ष्यों को सुरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण होता है। बरामद पदार्थ को नियमानुसार कब्जे में लेकर उसकी जांच कराई जाती है। इसके बाद मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चलती है। आरोपी को अदालत के सामने पेश किया जाता है और जांच की स्थिति के अनुसार पुलिस आगे की कार्रवाई करती है।
कांगड़ा पुलिस पहले भी यह स्पष्ट करती रही है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जिले में नशीले पदार्थों की सप्लाई रोकने के लिए पुलिस स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराज्यीय कड़ियों की भी जांच कर रही है। नशे के कारोबार में शामिल लोगों के बीच संपर्क और पैसे के लेनदेन की जानकारी जुटाना भी जांच का हिस्सा रहता है।
ताजा गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है। यदि उसके खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज है या वह किसी अन्य संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क में रहा है तो जांच की दिशा उसी आधार पर आगे बढ़ सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि बरामद हेरोइन व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए थी या कथित तौर पर बिक्री और सप्लाई के उद्देश्य से ले जाई जा रही थी।
कांगड़ा जैसे बड़े जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है। स्थानीय लोगों की सूचना और सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संदिग्ध गतिविधियों की समय पर जानकारी मिलने पर पुलिस संभावित सप्लाई को रोक सकती है। इसी कारण पुलिस समय-समय पर लोगों से नशे के कारोबार से जुड़ी जानकारी साझा करने की अपील करती रही है।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का उद्देश्य केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उस पूरी सप्लाई चेन को तोड़ना है जिसके जरिए नशीले पदार्थ युवाओं तक पहुंचते हैं। पुलिस यदि किसी एक आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके सप्लायर और अन्य संपर्कों तक पहुंचती है तो कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की उपलब्धता कम करने में मदद मिल सकती है।
कांगड़ा में पहले भी हेरोइन और चिट्टे की बरामदगी से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। फरवरी 2026 में पुलिस ने एक कार्रवाई में दो युवकों को 5.59 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। इससे स्पष्ट है कि जिले में नशीले पदार्थों की छोटी मात्रा से लेकर बड़ी खेप तक के मामलों पर पुलिस की नजर बनी हुई है।
हालांकि, ताजा मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी। पुलिस की ओर से की गई बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। अदालत में मामला पहुंचने के बाद अभियोजन पक्ष को बरामदगी समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित करने होंगे।
फिलहाल कार से हेरोइन बरामद होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी और वाहन जब्ती ने कांगड़ा में नशे के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस अब बरामद नशीले पदार्थ के स्रोत, आरोपी के संपर्कों और संभावित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। कांगड़ा पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं।