कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना: नारी शक्ति वंदन कानून पर यू-टर्न और आरक्षण मुद्दे पर उठाए सवाल

Indian National Congress ने Narendra Modi सरकार पर नारी शक्ति वंदन कानून में यू-टर्न और आरक्षण नीति पर सवाल उठाए। विपक्ष ने इन मुद्दों पर तीखी आलोचना की।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने Narendra Modi सरकार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023, आरक्षण और जनगणना के मुद्दों पर घेर लिया है। पार्टी महासचिव और राज्यसभा सांसद Jairam Ramesh ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट लिखकर सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए।

नई दिल्ली: Congress ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से बनाए जा रहे कानून नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर यू-टर्न लेने का आरोप लगाते हुए पार्टी महासचिव Jairam Ramesh ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विस्तृत पोस्ट लिखा।

जयराम रमेश ने बताया कि सितंबर 2023 में नए संसद भवन के उद्घाटन के समय नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पारित हुआ था। इस अधिनियम के तहत संविधान में संशोधन कर लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का प्रावधान किया गया था। इसमें अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित सीटों में भी महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने की व्यवस्था शामिल थी।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर यू-टर्न का आरोप

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने नारी शक्ति वंदन कानून के क्रियान्वयन में अचानक बदलाव कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम संसद में महिलाओं के लिए तिहाई आरक्षण का प्रावधान करता है और अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए भी आरक्षण में महिलाओं को 33% सीटें सुनिश्चित करता है।

कांग्रेस के अनुसार, आरक्षण लागू करने से पहले परिसीमन और जाति जनगणना पूरी होना आवश्यक था। रमेश ने कहा, “सरकार ने 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले इसे लागू करने की मांग को अस्वीकार कर कहा था कि बिना परिसीमन और जनगणना के यह संभव नहीं। अब 30 महीने बाद अचानक यू-टर्न लेकर आरक्षण लागू करने की तैयारी की जा रही है। रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार यह कदम विदेशी नीति की विफलताओं और देश में एलपीजी व ऊर्जा संकट से ध्यान हटाने के लिए उठा रही है।

कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना: नारी शक्ति वंदन कानून पर यू-टर्न और आरक्षण मुद्दे पर उठाए सवाल

आरक्षण और संसद सत्र की तैयारी

सरकार अगले दो सप्ताह में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में आवश्यक संशोधन के लिए दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की योजना बना रही है। इसके तहत महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाने और लोकसभा व विधानसभाओं के आकार में वृद्धि का प्रस्ताव रखा जा सकता है। विशेष सत्र अप्रैल में बुलाने की योजना पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, प्रस्तावित आरक्षण के क्रियान्वयन और जाति जनगणना की वास्तविक प्रतिबद्धता पर सवाल उठते हैं।

विपक्षी दलों ने मोदी सरकार को पत्र लिखकर 29 अप्रैल को मौजूदा विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि महिलाओं के लिए आरक्षण और लोकसभा सीटों के आकार में वृद्धि जैसे संवैधानिक बदलाव बिना व्यापक सहमति के नहीं होने चाहिए। विपक्ष ने यह भी कहा कि प्रस्तावित संशोधनों पर गहन चर्चा और विचार आवश्यक है, ताकि संवैधानिक प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक सहमति के साथ पूरी हो।

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