कांकेर में एनकाउंटर: वांटेड नक्सली रूपी रेड्डी मारी गई, पिस्टल बरामद

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस एनकाउंटर में वांटेड महिला नक्सली लीडर रूपी रेड्डी मारी गई है। पुलिस ने मौके से पिस्टल बरामद की, सर्च ऑपरेशन अभी जारी है।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में वांटेड महिला नक्सली लीडर रूपी रेड्डी मारी गई। उसके पास से पिस्टल बरामद हुआ है। इलाके में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है।

कांकेर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक बड़ी सफलता मिली है। छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में हुए इस एनकाउंटर में एक महिला नक्सली कमांडर को मार गिराया गया है। मारी गई नक्सली की पहचान वांटेड एरिया कमेटी मेंबर (ACM) रूपी रेड्डी के रूप में हुई है, जो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थी। घटनास्थल से एक पिस्टल भी बरामद की गई है।

यह मुठभेड़ बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियानों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, जहां पिछले कुछ समय से लगातार बड़े स्तर पर सरेंडर और एनकाउंटर की घटनाएं सामने आ रही हैं।

सुबह 4–5 बजे शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन, फिर हुई फायरिंग

पुलिस के अनुसार, सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के माचपल्ली जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी है। इसके बाद तड़के लगभग 4 से 5 बजे के बीच सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

जैसे ही जवान संदिग्ध इलाके में पहुंचे, नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और मुठभेड़ शुरू हो गई। कुछ समय तक चली इस गोलीबारी के बाद नक्सली पीछे हट गए, जिसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया।

मौके से महिला नक्सली का शव बरामद

मुठभेड़ समाप्त होने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की सघन तलाशी ली, जिसमें एक महिला नक्सली का शव बरामद हुआ। बाद में उसकी पहचान रूपी रेड्डी के रूप में की गई, जो नक्सल संगठन में एरिया कमेटी मेंबर (ACM) के पद पर सक्रिय थी।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, रूपी रेड्डी लंबे समय से बस्तर क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क का हिस्सा थी और कई मामलों में वांछित थी। मौके से एक पिस्टल भी बरामद की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह सशस्त्र गतिविधियों में सक्रिय थी।

आत्मसमर्पण से रोकने वाली प्रमुख कैडर मानी जाती थी रूपी रेड्डी

कांकेर में एनकाउंटर: वांटेड नक्सली रूपी रेड्डी मारी गई, पिस्टल बरामद

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रूपी रेड्डी नक्सली संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी और स्थानीय स्तर पर कैडर को सक्रिय रखने में उसकी अहम भूमिका थी। बताया जा रहा है कि वह नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने से रोकने वाली प्रमुख चेहरों में शामिल थी।

हाल के महीनों में बस्तर क्षेत्र में कई बड़े नक्सली नेताओं के मारे जाने या आत्मसमर्पण के बाद संगठन कमजोर पड़ा है, लेकिन कुछ सक्रिय कैडर अब भी इलाके में मौजूद थे। रूपी रेड्डी इन्हीं में से एक मानी जा रही थी।

पुलिस ने की मुठभेड़ की पुष्टि

कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने सूचना के आधार पर सटीक कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप यह सफलता मिली। उन्होंने कहा कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि किसी अन्य नक्सली की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके।

बस्तर में नक्सल नेटवर्क पर लगातार दबाव

पिछले कुछ समय से बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि लगातार ऑपरेशनों, सरेंडर नीति और विकास कार्यों के कारण नक्सली संगठन कमजोर हो रहा है।

हाल ही में कई जिलों में दर्जनों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि कई मुठभेड़ों में शीर्ष कमांडर मारे गए हैं। इन घटनाओं के चलते बस्तर क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है।

डेडलाइन के बाद तेज हुए ऑपरेशन और सरेंडर

सरेंडर और नक्सल उन्मूलन के लिए तय डेडलाइन के बाद भी सुरक्षा बलों के अभियान जारी हैं। इसी क्रम में हाल ही में बीजापुर जिले में 25 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद बड़ी मात्रा में हथियार और नकदी बरामद होने की खबर भी सामने आई थी।

इसी तरह कई अन्य जिलों में भी नक्सलियों के हथियार डालने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे संकेत मिलता है कि संगठन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

सुरक्षा बलों को मिला बड़ा इनपुट नेटवर्क से

पुलिस और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर कई बड़े ऑपरेशन सफल हो रहे हैं। कांकेर मुठभेड़ भी उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें जंगल क्षेत्रों में सक्रिय कैडर की पहचान कर कार्रवाई की गई।

बस्तर में सुरक्षा और विकास का संतुलन

विशेषज्ञों के अनुसार, बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या का समाधान केवल सुरक्षा कार्रवाई से नहीं बल्कि विकास, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने से भी संभव है। सरकार की ओर से सड़क, संचार और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।

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