कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष विजयेंद्र बोले- मुख्यमंत्री कौन बनेगा यह अहम नहीं, जनता बदलाव चाहती है

कर्नाटक bjp अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री पद से अधिक महत्वपूर्ण कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाना है। विधान परिषद चुनाव की तैयारी पर जोर दिया।

कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह महत्वपूर्ण नहीं है। उनका दावा है कि राज्य की जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों और कथित भ्रष्टाचार से नाराज है तथा भाजपा का लक्ष्य सत्ता परिवर्तन और संगठन को मजबूत करना है।

बेंगलुरु: कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा है कि पार्टी के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा सबसे बड़ा मुद्दा नहीं है। उनके अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य राज्य में सत्ता परिवर्तन और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाली सरकार देना है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता मौजूदा कांग्रेस सरकार की कार्यशैली से असंतुष्ट है और राजनीतिक बदलाव चाहती है।

विजयेंद्र ने यह बयान दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी कर्नाटक विधान परिषद चुनाव की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।

'मुख्यमंत्री पद नहीं, जनता का भरोसा महत्वपूर्ण'

हाल के दिनों में भाजपा के कुछ नेताओं ने विजयेंद्र को भविष्य का मुख्यमंत्री बताया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे बयान उनके प्रति स्नेह और विश्वास का प्रतीक हैं, लेकिन फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता मुख्यमंत्री पद नहीं बल्कि जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना है।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता वर्तमान सरकार से निराश है और पार्टी का दायित्व है कि वह लोगों का विश्वास जीतकर एक मजबूत विकल्प प्रस्तुत करे।

कांग्रेस सरकार पर लगाए कई आरोप

अपने संबोधन में विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य की जनता भ्रष्टाचार, जनहित से जुड़े मुद्दों की अनदेखी और प्रशासनिक विफलताओं से परेशान है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों के लिए निर्धारित विकास निधियों के उपयोग को लेकर भी जनता में असंतोष है। हालांकि इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

योग्य प्रतिनिधियों को विधान परिषद भेजने पर जोर

विजयेंद्र ने कहा कि कर्नाटक विधान परिषद लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण संस्थान है, जहां राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा होती है। इसलिए ऐसे प्रतिनिधियों का चयन होना चाहिए जो शिक्षा, समाज और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकें।

उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक महत्वाकांक्षा या आर्थिक प्रभाव के आधार पर चुनाव लड़ना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के हित में नहीं है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सक्षम और अनुभवी लोगों के हाथों में होना चाहिए।

एनडीए उम्मीदवार के समर्थन की अपील

बैठक में विजयेंद्र ने दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए उम्मीदवार के.एम. सुरेश के समर्थन की अपील की। उन्होंने सुरेश को लंबे समय से शिक्षा क्षेत्र और सामाजिक कार्यों से जुड़े एक ईमानदार कार्यकर्ता बताया।

उन्होंने कहा कि इस निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 50 हजार से अधिक मतदाता हैं और उम्मीदवार को पांच जिलों तथा 33 विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क करना होगा। उन्होंने पार्टी नेताओं से संगठनात्मक स्तर पर अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

मतदाता पंजीकरण पर विशेष जोर

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से मतदाता पंजीकरण अभियान चला रही है, इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं को भी संगठनात्मक गतिविधियों और मतदाता संपर्क अभियान में तेजी लानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि चुनावी सफलता केवल प्रचार से नहीं बल्कि मजबूत संगठन और सक्रिय कार्यकर्ताओं के दम पर हासिल होती है। पार्टी का लक्ष्य अधिक से अधिक योग्य मतदाताओं तक पहुंच बनाना है।

स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में बीजेपी का रिकॉर्ड

विजयेंद्र ने दावा किया कि भाजपा ने अतीत में भी कांग्रेस सरकार के सत्ता में रहने के बावजूद स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लगातार सफलता हासिल की है।

उन्होंने विश्वास जताया कि यदि कार्यकर्ता पूरी मेहनत और समर्पण के साथ चुनावी अभियान चलाते हैं तो पार्टी इस बार भी बेहतर प्रदर्शन करेगी।

संगठन को मजबूत करने पर फोकस

बैठक में विजयेंद्र ने कहा कि आगामी चुनाव केवल एक सीट जीतने का मामला नहीं है, बल्कि संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने का अवसर भी है। उन्होंने सभी जिलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से समन्वय के साथ काम करने और मतदाताओं तक पार्टी की नीतियां पहुंचाने का आह्वान किया।

राजनीतिक संदेश

विजयेंद्र का यह बयान ऐसे समय आया है जब कर्नाटक भाजपा के भीतर भविष्य के नेतृत्व को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का ध्यान किसी एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन पर केंद्रित है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश देने और चुनावी रणनीति को नेतृत्व की चर्चा से ऊपर रखने का प्रयास भी माना जा सकता है।

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