कर्नाटक में KPSC भर्ती घोटाले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद बढ़ गया है। आर. अशोक ने एक और मंत्री के इस्तीफे का दावा किया। प्रियंक खड़गे ने आरोप खारिज कर कथित आरोपी बसवराज कन्नाले के भाजपा नेताओं से संबंधों पर सवाल उठाए।
बेंगलुरु: कर्नाटक में कथित कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) भर्ती घोटाले को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने दावा किया है कि इस मामले में कांग्रेस सरकार के एक और मंत्री को इस्तीफा देना पड़ सकता है। वहीं, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने अशोक के आरोप को खारिज करते हुए भाजपा नेताओं और कथित बिचौलिए बसवराज कन्नाले के बीच संबंधों पर सवाल उठाए हैं।
आर. अशोक ने किया एक और मंत्री के इस्तीफे का दावा
भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि KPSC भर्ती घोटाले में कांग्रेस के कई नेता कथित तौर पर शामिल हैं और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और दस्तावेज सामने आ सकते हैं।
अशोक ने कहा कि इस मामले में कई दस्तावेज सार्वजनिक किए जा चुके हैं। उनके मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ कांग्रेस सरकार के सामने राजनीतिक संकट और गहरा सकता है। उन्होंने दावा किया कि सरकार में एक और मंत्री को अपने पद से हटना पड़ सकता है।
भाजपा नेता ने अपने आरोप को मजबूत करने के लिए पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे का भी जिक्र किया। नागेंद्र को कथित आदिवासी कल्याण विभाग घोटाले के मामले में मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अशोक ने इसी घटनाक्रम को राजनीतिक भाषा में कांग्रेस सरकार का पहला विकेट बताया।
डीके शिवकुमार को लेकर भी अशोक का हमला
आर. अशोक ने अपने बयान में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता संभालने के बाद सरकार को पहले ही एक मंत्री के इस्तीफे का सामना करना पड़ा है और अब दूसरा विकेट गिरने की संभावना है।
अशोक का यह बयान ऐसे समय आया है जब KPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है। भाजपा का आरोप है कि सरकारी भर्ती से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालांकि, अशोक ने जिस संभावित मंत्री के इस्तीफे की बात कही, उसका नाम स्पष्ट रूप से नहीं बताया। इसलिए उनका दावा फिलहाल राजनीतिक आरोप के रूप में सामने आया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रियंक खड़गे ने पलटवार कर भाजपा पर उठाए सवाल
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने आर. अशोक के बयान को खारिज करते हुए भाजपा पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कथित KPSC घोटाले में आरोपी बताए जा रहे बसवराज कन्नाले के राजनीतिक संपर्कों का मुद्दा उठाया।
खड़गे ने दावा किया कि कन्नाले की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें वह भाजपा नेताओं और विधायकों के साथ नजर आता है। उन्होंने इन तस्वीरों के आधार पर भाजपा से यह बताने को कहा कि कथित बिचौलिए के पार्टी नेताओं के साथ क्या संबंध थे।
खड़गे ने तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि कन्नाले ने जिस शॉल को पहन रखा था, वह आर. अशोक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहने जाने वाले शॉल जैसा दिखाई देता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि तस्वीर में दिखाई दे रही शॉल पर भाजपा का चुनाव चिह्न नजर आता है।
भाजपा विधायकों के साथ तस्वीरों का किया जिक्र
गृह मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ तस्वीरों में बसवराज कन्नाले भाजपा के तीन विधायकों के साथ बैठक में दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि कन्नाले को भाजपा नेताओं के साथ केक काटते हुए और उनके आवासों की रसोई तक में मौजूद देखा गया है।
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प्रियंक खड़गे ने इसी आधार पर आर. अशोक के ‘एक और विकेट’ वाले बयान पर तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्षी नेता कथित आरोपी के कांग्रेस से संबंधों का दावा कर रहे हैं, तो भाजपा नेताओं के साथ सामने आई उसकी तस्वीरों पर भी स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए।
खड़गे का पलटवार इस राजनीतिक विवाद को और तीखा बनाता दिखाई दे रहा है। अब कांग्रेस और भाजपा दोनों ही कथित घोटाले से जुड़े लोगों के राजनीतिक संपर्कों को लेकर एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं।
KPSC भर्ती प्रक्रिया पर बढ़ता विवाद
कर्नाटक लोक सेवा आयोग राज्य में विभिन्न सरकारी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित करता है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा सीधे तौर पर अभ्यर्थियों और सरकारी नौकरियों की पारदर्शिता से जुड़ा है।
विपक्ष का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार या किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है, तो इसकी गहन जांच कर दोषियों की पहचान की जानी चाहिए। भाजपा इस मुद्दे को कांग्रेस सरकार के खिलाफ राजनीतिक हथियार के तौर पर भी उठा रही है और सरकार से जवाब मांग रही है।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा राजनीतिक आरोपों के जरिए मामले को अलग दिशा देने की कोशिश कर रही है। सरकार की ओर से यह संकेत दिया गया है कि आरोपों और सामने आने वाले तथ्यों की जांच संबंधित एजेंसियों के स्तर पर की जानी चाहिए।
राजनीतिक आरोपों के बीच जांच पर नजर
KPSC भर्ती घोटाले को लेकर सामने आ रहे आरोपों की राजनीतिक अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि मामला सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा है। अगर जांच में अनियमितताओं के ठोस प्रमाण मिलते हैं, तो इसका असर सरकार और संबंधित विभागों की जवाबदेही पर पड़ सकता है।
फिलहाल आर. अशोक के ‘एक और विकेट’ गिरने के दावे पर कांग्रेस की ओर से किसी मंत्री के संभावित इस्तीफे की पुष्टि नहीं की गई है। इसी तरह, प्रियंक खड़गे द्वारा भाजपा नेताओं और बसवराज कन्नाले के कथित संबंधों को लेकर लगाए गए आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
आरोप-प्रत्यारोप से गरमाई कर्नाटक की राजनीति
KPSC भर्ती मामले ने कर्नाटक की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगा रही है, जबकि कांग्रेस विपक्षी नेताओं और कथित आरोपियों के बीच संबंधों पर सवाल उठाकर पलटवार कर रही है।
आर. अशोक के बयान के बाद अब कांग्रेस सरकार पर यह दबाव बढ़ सकता है कि वह KPSC से जुड़े आरोपों की स्थिति स्पष्ट करे और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे। वहीं, भाजपा की ओर से मामले में और दस्तावेज तथा सबूत सामने लाने के दावे के बाद आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल इस पूरे मामले का केंद्र KPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, आरोपी बताए जा रहे बसवराज कन्नाले के कथित राजनीतिक संपर्क और कांग्रेस सरकार की जवाबदेही बना हुआ है। दोनों प्रमुख दलों के बीच जारी बयानबाजी से साफ है कि यह मुद्दा आने वाले समय में कर्नाटक की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।









