NEET विवाद पर कर्नाटक के मंत्री यू.टी. खादर का केंद्र पर हमला, संसद में बहस रोकने और छात्रों की आवाज दबाने का लगाया आरोप

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने NEET विवाद पर केंद्र सरकार पर संसद में चर्चा से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने NEET विवाद पर केंद्र सरकार पर संसद में चर्चा रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने, छात्रों की चिंताओं पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की।

मंगलुरु: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर जारी राजनीतिक और सार्वजनिक बहस के बीच कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े विवाद और कथित अनियमितताओं पर संसद में चर्चा की अनुमति नहीं देकर केंद्र सरकार महत्वपूर्ण सवालों से बच रही है। साथ ही उन्होंने छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।मंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खादर ने कहा कि देशभर के छात्र परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा खोने के कारण सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। उनके अनुसार, यदि छात्रों की चिंताओं पर समय रहते ध्यान दिया जाता, तो हालात इस स्तर तक नहीं पहुंचते।

संसद में चर्चा रोकने का आरोप

यू.टी. खादर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार NEET से जुड़े विवाद पर संसद में खुली बहस से बच रही है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर पारदर्शी चर्चा होनी चाहिए ताकि छात्रों और अभिभावकों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके। उन्होंने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा रोकना उचित नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, इससे लोगों में यह संदेश जाता है कि सरकार जवाबदेही से बच रही है।

छात्रों के विरोध प्रदर्शन का किया समर्थन

प्रेस वार्ता के दौरान खादर ने कहा कि छात्रों का विरोध केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उनके भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जब छात्रों को लगता है कि उनकी मेहनत और अवसर प्रभावित हो रहे हैं, तब वे अपनी आवाज उठाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करते हैं। खादर ने कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग

यू.टी. खादर ने NEET विवाद में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की। उनका कहना था कि किसी भी बड़े विवाद की स्थिति में जवाबदेही तय होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार को पारदर्शी जांच सुनिश्चित करनी चाहिए और संबंधित पक्षों को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग

खादर ने उन परिवारों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि वे इस विवाद से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र की मृत्यु या गंभीर नुकसान का संबंध इस मामले से जुड़ा पाया जाता है, तो संबंधित परिवारों को उचित सहायता और मुआवजा दिया जाना चाहिए। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की। इसलिए इस विषय पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और आधिकारिक तथ्यों पर निर्भर करेगा।

NEET विवाद पर कर्नाटक के मंत्री यू.टी. खादर का केंद्र पर हमला, संसद में बहस रोकने और छात्रों की आवाज दबाने का लगाया आरोप

केंद्र सरकार पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप

कर्नाटक के मंत्री ने कहा कि यदि केंद्र सरकार शुरुआत में ही छात्रों की मांगों पर संवाद करती और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेती, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं बनती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

जवाबदेही के मुद्दे पर भाजपा पर सवाल

यू.टी. खादर ने राजनीतिक जवाबदेही के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि विभिन्न मामलों में अलग-अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतीत में भाजपा ने कर्नाटक में विभिन्न विवादों के दौरान कांग्रेस मंत्रियों से इस्तीफे की मांग की थी। अब जब NEET विवाद सामने आया है, तो समान मानकों के आधार पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। यह टिप्पणी राजनीतिक जवाबदेही के संदर्भ में की गई, जिस पर विभिन्न राजनीतिक दलों के अलग-अलग दृष्टिकोण हैं।

छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई पर चिंता

प्रेस कॉन्फ्रेंस में खादर ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ संवाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे को केवल कानून-व्यवस्था का प्रश्न न मानते हुए इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय बताया। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से घटनाओं को लेकर आधिकारिक संस्करण अलग हो सकता है और कई मामलों में जांच जारी रहती है।

कांग्रेस आंदोलन तेज करेगी

यू.टी. खादर ने बताया कि कांग्रेस ने NEET विवाद को लेकर अपने अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में तालुक और जिला स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और संसद में चर्चा की अनुमति न मिलने के बाद इसे सार्वजनिक रूप से उठाया है।

NEET विवाद क्यों बना राष्ट्रीय मुद्दा

NEET भारत में मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। इसमें हर वर्ष लाखों छात्र भाग लेते हैं। इसलिए परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा कोई भी विवाद व्यापक स्तर पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में पारदर्शिता, समयबद्ध जांच और स्पष्ट संवाद परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक होते हैं।

Leave a comment