कर्नाटक सरकार ने Teacher’s Day पर शिक्षकों के सम्मान में नाम के आगे ‘Tr.’ लगाने की अनुमति देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इसे शिक्षकों की निस्वार्थ सेवा और योगदान के प्रति सम्मान बताया।
कर्नाटक: राज्य सरकार ने शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षकों के लिए नाम के आगे ‘Tr.’ उपाधि इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के अनुसार, यह पहल शिक्षकों के लंबे समय से समाज और राष्ट्र निर्माण में दिए योगदान के सम्मान के तौर पर की गई है। अब कर्नाटक के शिक्षक ‘Dr.’ और ‘Prof.’ की तर्ज पर अपने नाम के साथ ‘Tr.’ लिख सकेंगे।
शिक्षकों के नाम के आगे लगेगा ‘Tr.’
कर्नाटक सरकार ने शिक्षकों को सम्मान देने के लिए उनके नाम के आगे ‘Tr.’ इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। यह घोषणा 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर की गई। इसके तहत राज्य के शिक्षक आधिकारिक तौर पर अपने नाम के साथ ‘Tr.’ यानी Teacher लिख सकेंगे।
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इस पहल के जरिए शिक्षकों की भूमिका और उनके योगदान को विशेष पहचान देने की कोशिश की गई है। जिस तरह डॉक्टर और प्रोफेसर अपने नाम के आगे क्रमशः ‘Dr.’ और ‘Prof.’ का इस्तेमाल करते हैं, उसी तरह शिक्षक भी ‘Tr.’ उपाधि का प्रयोग कर पाएंगे।
CM डीके शिवकुमार ने साझा की जानकारी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर लिया गया यह निर्णय शिक्षकों के अमूल्य योगदान के सम्मान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, ‘Tr.’ केवल एक उपाधि नहीं है, बल्कि उन शिक्षकों के प्रति समाज की कृतज्ञता को दर्शाता है, जिन्होंने दूसरों का भविष्य संवारने के लिए अपना जीवन समर्पित किया है।
शिक्षकों के योगदान को मिलेगी नई पहचान
सरकार के इस फैसले से कर्नाटक में शिक्षकों को उनके पेशे के साथ एक अलग सम्मानजनक पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के बच्चों के भविष्य और समाज के निर्माण में योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि जो समाज अपने शिक्षकों का सम्मान करता है, वह बेहतर भविष्य की नींव तैयार करता है। ‘Tr.’ उपाधि को शिक्षकों की निस्वार्थ सेवा के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।










