कौशांबी जिले में टीकाकरण के बाद एक मासूम की मौत का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद परिजनों ने टीकाकरण में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, मासूम को तय कार्यक्रम के तहत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण के लिए लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि टीका लगने के कुछ ही समय बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चे को बेचैनी, सांस लेने में दिक्कत और तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई दिए, लेकिन मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया।
परिजनों का कहना है कि बच्चे की हालत बिगड़ने के बावजूद तत्काल उचित इलाज नहीं मिला। जब स्थिति और खराब हो गई तो मासूम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया और गुस्साए परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराया। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी मामले को गंभीरता से लिया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि टीकाकरण एक नियमित और सुरक्षित प्रक्रिया है, लेकिन किसी भी तरह की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है, जो टीकाकरण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। इसमें टीके की गुणवत्ता, कोल्ड चेन की स्थिति, टीकाकरण के समय अपनाई गई प्रक्रिया और बच्चे के स्वास्थ्य संबंधी पूर्व रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने मांग की है कि यदि लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि टीकाकरण जैसे संवेदनशील कार्यक्रमों में थोड़ी सी भी चूक कितनी गंभीर परिणाम ला सकती है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।










