केजरीवाल और पंजाब CM मान ने बेंगलुरु आश्रम में श्रीश्री रविशंकर से की मुलाकात, आर्ट ऑफ लिविंग के 45 साल पूरे

अरविंद केजरीवाल और पंजाब CM भगवंत मान ने बेंगलुरु आश्रम में श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की। नेताओं ने आर्ट ऑफ लिविंग की 45वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं।

अरविंद केजरीवाल और पंजाब CM भगवंत मान ने बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने संस्था की 45वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं और किसानों व नशामुक्ति से जुड़ी सामाजिक पहलों की सराहना की।

बेंगलुरु: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग के आश्रम पहुंचकर आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की। यह मुलाकात आर्ट ऑफ लिविंग की स्थापना के 45 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के बीच हुई।

श्रीश्री रविशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने बेंगलुरु आश्रम पहुंचकर संस्था की 45वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं। उनके मुताबिक, नेताओं ने किसानों के लिए संस्था की पहल और नशामुक्ति से जुड़े प्रयासों की सराहना भी की।

आश्रम में पहुंचने पर श्रीश्री रविशंकर ने केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्वागत और अभिनंदन किया। मुलाकात से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसमें आध्यात्मिक गुरु दोनों नेताओं का स्वागत करते नजर आए।

45वीं वर्षगांठ के मौके पर आश्रम पहुंचे नेता

आर्ट ऑफ लिविंग की स्थापना को 45 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बेंगलुरु स्थित अंतरराष्ट्रीय केंद्र में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्था आध्यात्मिक विकास, योग, ध्यान, तनाव प्रबंधन और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों के लिए जानी जाती है।

इसी सिलसिले में अलग-अलग राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग संस्था के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात कर रहे हैं। केजरीवाल और मान का आश्रम दौरा भी इसी अवसर से जुड़ा था।

श्रीश्री रविशंकर ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि दोनों नेताओं ने संस्था की सामाजिक पहलों की सराहना की। इनमें किसानों के साथ काम करने और नशामुक्ति के लिए चलाए जा रहे प्रयासों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब देश में नशामुक्ति, कृषि क्षेत्र और युवाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दे लगातार सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं।

श्रीश्री रविशंकर ने किया स्वागत

बेंगलुरु आश्रम पहुंचने के बाद अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान का श्रीश्री रविशंकर ने स्वागत किया। मुलाकात के दौरान संस्था की सामाजिक गतिविधियों और उसकी विभिन्न पहलों को लेकर बातचीत हुई।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में श्रीश्री रविशंकर दोनों नेताओं को सम्मानित करते हुए दिखाई देते हैं। संस्था की 45वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई यह मुलाकात राजनीतिक और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच संवाद का उदाहरण भी बनी।

हालांकि, मुलाकात के दौरान किसी राजनीतिक मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य संस्था की वर्षगांठ पर शुभकामनाएं देना और उसकी सामाजिक पहलों की सराहना करना था।

मनीष सिसोदिया भी रहे मौजूद

इस मुलाकात में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। श्रीश्री रविशंकर के संदेश में केजरीवाल और मान के साथ सिसोदिया के आश्रम पहुंचने का भी उल्लेख किया गया।

AAP नेताओं का यह दौरा पार्टी और आध्यात्मिक संस्था के बीच किसी औपचारिक राजनीतिक समझौते की घोषणा के तौर पर सामने नहीं आया है। इसे मुख्य रूप से आर्ट ऑफ लिविंग की 45वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुभकामना भेंट के रूप में देखा जा रहा है।

कुछ दिन पहले देवगौड़ा भी पहुंचे थे

केजरीवाल और भगवंत मान से पहले पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख एच.डी. देवगौड़ा भी बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर पहुंचे थे।

26 अगस्त को देवगौड़ा ने श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की और संस्था की 45वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुभकामनाएं दी थीं। इस दौरान दोनों के बीच बातचीत भी हुई थी।

लगातार राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोगों के आश्रम पहुंचने से संस्था की वर्षगांठ के कार्यक्रमों को व्यापक सार्वजनिक ध्यान मिला है।

मई में PM मोदी भी हुए थे शामिल

आर्ट ऑफ लिविंग की 45वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। मई में बेंगलुरु में आयोजित समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने नए निर्मित ध्यान मंदिर का उद्घाटन किया था और कई अन्य पहलों की शुरुआत की थी।

कार्यक्रम में श्रीश्री रविशंकर के साथ प्रधानमंत्री ने आध्यात्मिकता, सामाजिक भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर बात की थी।

प्रधानमंत्री ने ध्यान मंदिर के उद्घाटन को सेवा और सामूहिक कल्याण की भावना से जुड़ा प्रयास बताया था। उन्होंने कहा था कि स्पष्ट उद्देश्य और सेवा भावना के साथ किए गए प्रयास सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।

बेंगलुरु को तकनीक और आध्यात्मिकता का संगम बताया

प्रधानमंत्री मोदी ने उस कार्यक्रम में बेंगलुरु की विशेष भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा था कि शहर ने तकनीक के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को दुनिया के सामने मजबूत करने में योगदान दिया है।

बेंगलुरु भारत का प्रमुख तकनीकी केंद्र होने के साथ-साथ कई आध्यात्मिक और सामाजिक संस्थाओं का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। आर्ट ऑफ लिविंग का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय भी शहर में स्थित है।

प्रधानमंत्री ने भारत की विविधता और सांस्कृतिक एकता पर जोर देते हुए यह विचार रखा था कि देश को जोड़ने वाली भावना दूसरों के लिए जीने और समाज के व्यापक हित में योगदान करने की है।

आर्ट ऑफ लिविंग की सामाजिक पहलें चर्चा में

श्रीश्री रविशंकर के नेतृत्व वाली आर्ट ऑफ लिविंग संस्था लंबे समय से आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी काम करने का दावा करती रही है। संस्था के विभिन्न कार्यक्रमों में योग, ध्यान, तनाव प्रबंधन, ग्रामीण विकास, पर्यावरण और नशामुक्ति जैसे विषय शामिल हैं।

केजरीवाल और भगवंत मान की मुलाकात के बाद श्रीश्री रविशंकर ने विशेष रूप से किसानों और नशामुक्ति से संबंधित पहलों का उल्लेख किया। इससे संकेत मिलता है कि मुलाकात के दौरान सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्य भी चर्चा का हिस्सा रहे।

कृषि और नशामुक्ति दोनों ही ऐसे मुद्दे हैं जिनका प्रभाव व्यापक सामाजिक और आर्थिक स्तर पर पड़ता है। पंजाब के संदर्भ में नशामुक्ति का मुद्दा विशेष रूप से सार्वजनिक नीति और सामाजिक बहस का विषय रहा है।

राजनीतिक नेताओं का आध्यात्मिक संस्थाओं से संवाद

भारत में राजनीतिक नेताओं का आध्यात्मिक और सामाजिक संस्थाओं से संवाद कोई नई बात नहीं है। अलग-अलग दलों के नेता समय-समय पर धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रमुखों से मुलाकात करते रहे हैं।

बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग की 45वीं वर्षगांठ के दौरान भी विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की मौजूदगी देखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एच.डी. देवगौड़ा, अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान जैसे अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं की मौजूदगी ने समारोह को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।

हालांकि, किसी आध्यात्मिक संस्था के कार्यक्रम में किसी नेता की मौजूदगी को सीधे राजनीतिक गठजोड़ या नीति संबंधी सहमति से जोड़ना उचित नहीं होगा, जब तक संबंधित पक्ष की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान न दिया जाए।

केजरीवाल और मान की मुलाकात का संदेश

अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान का आश्रम दौरा मुख्य रूप से आर्ट ऑफ लिविंग की 45वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं देने और संस्था की सामाजिक पहलों की सराहना से जुड़ा रहा।

श्रीश्री रविशंकर ने मुलाकात की तस्वीरों और वीडियो के जरिए इसकी जानकारी सार्वजनिक की। फिलहाल इस मुलाकात के बाद किसी नए राजनीतिक निर्णय या समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

वहीं, आर्ट ऑफ लिविंग के लिए वर्षगांठ समारोह संस्था की सामाजिक और आध्यात्मिक गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने का अवसर बना है। पिछले कुछ दिनों में कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी से समारोह का सार्वजनिक महत्व भी बढ़ा है।

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