तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि RJD केरल विधानसभा चुनाव 2026 में सत्ताधारी LDF के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। उनका कहना है कि इस गठबंधन का उद्देश्य राज्य में राजनीतिक स्थिति मजबूत करना और LDF को सत्ता में बनाए रखना है।
Election 2026: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने घोषणा की है कि पार्टी आगामी केरल विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। यादव ने कहा कि इस गठबंधन का उद्देश्य LDF को राज्य में सत्ता में बने रहने में मदद करना है।
तेजस्वी यादव ने यह बयान बिहार में RJD के नेतृत्व वाले महागठबंधन के विधायकों से मुलाक़ात के बाद दिया। यह मुलाक़ात उसी समय हुई जब बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान होने वाला था। यादव ने कहा कि केरल में RJD पहले भी विधानसभा में मौजूद रही है और उनका मकसद इस बार LDF के साथ मिलकर राज्य में राजनीतिक स्थिति मजबूत करना है।
बिहार में राज्यसभा चुनाव की तैयारी
16 मार्च, सोमवार को बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान होना था। बिहार विधानसभा में कुल 243 सदस्य हैं, जिनमें RJD के पास 25 विधायक हैं। RJD महागठबंधन के अन्य सहयोगियों के 10 विधायकों पर भी भरोसा कर रही है। इसके अलावा, AIMIM के पांच और BSP के एक विधायक से समर्थन मिलने की संभावना है।
महागठबंधन के विधायकों को पटना के एक होटल में रात बिताने के लिए कहा गया था। AIMIM और BSP के विधायकों को भी रात रुकने के लिए आमंत्रित किया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मतदान के समय सभी विधायक मौजूद रहें और किसी भी तरह की 'क्रॉस-वोटिंग' की आशंका न रहे।
RJD का उम्मीदवार और मुकाबला
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए कुल छह उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। RJD ने अपने मौजूदा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह को मैदान में उतारा है। बाकी पांच उम्मीदवार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के हैं। NDA की सूची में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य JDU के विधायक शामिल हैं।

चुनाव की तैयारियों के दौरान अफवाहें फैलीं कि कांग्रेस के छह विधायकों में से चार लापता हैं। इस स्थिति से क्रॉस-वोटिंग की आशंका बढ़ गई। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने इसका निपटारा करते हुए कहा कि सभी विधायक सुरक्षित हैं और महागठबंधन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि NDA को अपनी चिंता करनी चाहिए क्योंकि उनके 20 विधायक इस समय लापता हैं।
RJD की भूमिका का विस्तार
तेजस्वी यादव की केरल से जुड़ी घोषणा यह संकेत देती है कि RJD की भूमिका अब केवल बिहार तक सीमित नहीं है। पार्टी अब केरल में विधानसभा चुनावों में LDF के साथ मिलकर चुनावी रणनीति बनाएगी। यादव ने कहा कि RJD का मकसद राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करना और LDF को सत्ता में बनाए रखना है।
केरल में LDF का मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) से है। यादव ने स्पष्ट किया कि RJD LDF के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ेगी और पार्टी का फोकस राज्य में मजबूत सहयोगी बनकर चुनावी जीत सुनिश्चित करना है।
बिहार में महागठबंधन की रणनीति
बिहार में राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की रणनीति यह थी कि सभी सहयोगी विधायकों की संख्या को एकजुट रखा जाए। रात को होटल में रुकने की योजना का उद्देश्य यह था कि मतदान के समय सभी सदस्य मौजूद रहें और किसी भी तरह का राजनीतिक उलझाव न हो।
इस चुनाव में RJD और उसके सहयोगियों का पूरा ध्यान विधायकों की संख्या बनाए रखने और मतदान के समय किसी भी गड़बड़ी से बचने पर था। विपक्षी NDA की रणनीति को देखते हुए महागठबंधन ने अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी तैयारी की थी।









