Kerala CM Race: वेणुगोपाल, सतीशन और चेन्निथला में मुकाबला तेज; कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर बढ़ी हलचल

केरल में मुख्यमंत्री पद की रेस को लेकर कांग्रेस के अंदर हलचल तेज हो गई है। के. सी. वेणुगोपाल, वी. डी. सतीशन और रमेश चेन्निथला के बीच नेतृत्व को लेकर मुकाबला

केरल में 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के एक चरण में रिकॉर्ड मतदान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बढ़े हुए मतदान प्रतिशत को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और यूडीएफ खेमे में जीत को लेकर उत्साह बढ़ा हुआ है।

तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर चर्चा तेज हो गई है। अगर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) सरकार बनाने में सफल होता है, तो मुख्यमंत्री कौन होगा—इस सवाल ने पार्टी के अंदर नई बहस छेड़ दी है। मुख्यमंत्री पद की रेस में इस समय तीन प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं—K. C. Venugopal, V. D. Satheesan और Ramesh Chennithala। हालांकि अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व, खासकर पार्टी हाईकमान और वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi के हाथों में माना जा रहा है।

चुनाव के बाद बढ़ी सीएम पद की चर्चा

केरल विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान के बाद कांग्रेस खेमे में उत्साह देखा जा रहा है। यूडीएफ की संभावित जीत की उम्मीदों के बीच अब पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने किसी भी नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया था, ताकि आंतरिक गुटबाजी से बचा जा सके। अब परिणाम के बाद नेतृत्व चयन सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

तीन प्रमुख दावेदारों की स्थिति

1. K. C. Venugopal

K. C. Venugopal को पार्टी नेतृत्व और हाईकमान के करीब माना जाता है। वे कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियों का हिस्सा रहे हैं और पार्टी रणनीति में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। उनके समर्थकों का दावा है कि चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका निर्णायक रही है, जिससे कांग्रेस को संभावित जीत की स्थिति मिली है।

2. V. D. Satheesan

V. D. Satheesan वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं और राज्य में कांग्रेस के सबसे सक्रिय चेहरों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान सत्तारूढ़ LDF सरकार और मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan पर आक्रामक रुख अपनाया था। उनके समर्थकों का कहना है कि उनकी जनसंपर्क क्षमता और जमीनी पकड़ उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है।

3. Ramesh Chennithala

Ramesh Chennithala कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और संगठन में लंबे अनुभव के लिए जाने जाते हैं। वे पहले भी राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं। उनके समर्थकों का तर्क है कि पार्टी में वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर उन्हें मुख्यमंत्री पद मिलना चाहिए।

हाईकमान की भूमिका अहम

कांग्रेस के अंदर यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री का अंतिम चयन केवल विधायकों की राय पर निर्भर नहीं करेगा, बल्कि पार्टी हाईकमान की सहमति भी जरूरी होगी।सूत्रों के अनुसार, Rahul Gandhi इस फैसले में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व संतुलन और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर निर्णय लेगा।

केरल कांग्रेस लंबे समय से गुटबाजी की चुनौती का सामना करती रही है। इस बार चुनाव से पहले पार्टी ने किसी भी चेहरे को सीएम पद के रूप में पेश नहीं किया, ताकि आंतरिक मतभेदों से बचा जा सके। पार्टी संगठन के अनुसार, चुनाव रणनीति को संतुलित रखने में K. C. Venugopal की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिन्होंने विभिन्न गुटों के बीच तालमेल बनाए रखने की कोशिश की।

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