Keshav Prasad Maurya का तंज: महिला आरक्षण को लेकर तेज हुई सियासी बहस

Keshav Prasad Maurya ने महिला आरक्षण मुद्दे पर बयान देकर सियासी बहस को और तेज कर दिया है। इस पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़ गए हैं। जानें पूरा

उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला आरक्षण और पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा कि जो पार्टियां महिला आरक्षण का विरोध कर रही हैं, उनका राजनीतिक भविष्य अंधकार में है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर देशभर में राजनीतिक चर्चा तेज है और विभिन्न दल इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

महिला आरक्षण को लेकर तेज हुई सियासी बहस

हाल ही में लागू हुए महिला आरक्षण अधिनियम को लेकर देशभर में राजनीतिक चर्चा तेज है। इसी बीच केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि कुछ विपक्षी दल इस कानून का विरोध या इसमें संशोधन की मांग कर रहे हैं, जो उनके अनुसार महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अधिक अधिकार मिले हैं और वे विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

डिप्टी सीएम ने अपने पोस्ट में लिखा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों का भविष्य जनता पहले ही तय कर चुकी है। उनके अनुसार, यह कानून देश में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

Keshav Prasad Maurya का तंज: महिला आरक्षण को लेकर तेज हुई सियासी बहस

अखिलेश यादव पर सीधा निशाना

अपने बयान में केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल महिला आरक्षण के मुद्दे पर “वोट बैंक की राजनीति” कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (OBC/EBC) के लिए अलग से आरक्षण की मांग न करना इस बात को दर्शाता है कि कुछ दल वास्तविक सामाजिक प्रतिनिधित्व की बजाय राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देते हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि संसद में 27 प्रतिशत OBC/EBC आरक्षण लागू किया गया, तो इससे नई राजनीतिक नेतृत्व पीढ़ी उभर सकती है, जो वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को बदल सकती है।

“परिवारवाद और राजनीति” का आरोप

केशव प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि कुछ विपक्षी दल परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा देते हैं और वास्तविक सामाजिक न्याय की दिशा में गंभीर नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ा वर्ग के सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष का रुख केवल राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए कई योजनाएं और कानून लागू किए गए हैं।

डिप्टी सीएम ने अपने बयान में केवल समाजवादी पार्टी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस, राजद, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी दल अलग-अलग समय पर अलग-अलग रुख अपनाकर जनता को भ्रमित करते हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब इन दलों की राजनीति को समझ चुकी है और विकास आधारित राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।

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