केतन अग्रवाल मर्डर केस: लोहागढ़ किले से धक्का देकर हत्या का सनसनीखेज मामला, जानिए पूरी कहानी

केतन अग्रवाल मर्डर केस ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। लोहागढ़ किले से कथित तौर पर धक्का देकर हत्या किए जाने के इस सनसनीखेज मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे

पुणे के निकट स्थित Lohagad Fort पर घूमने गए कारोबारी Ketan Agrawal की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। पुलिस जांच के दौरान इस मामले में दो आरोपियों, Siya Goyal और Chetan Choudhary को गिरफ्तार किया गया है।

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे (महाराष्ट्र) के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किला से जुड़े कथित हत्याकांड ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है। इस मामले में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को पहले दुर्घटना माना गया था, लेकिन अब पुलिस जांच में इसे सुनियोजित हत्या बताया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल और उसके कथित साथी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है, जो फिलहाल 7 दिन की पुलिस कस्टडी में हैं। जांच में सामने आए खुलासों ने इस केस को एक हाई-प्रोफाइल क्राइम थ्रिलर जैसा बना दिया है।

कैसे सामने आया पूरा मामला?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल अपने साथियों के साथ लोहागढ़ किले घूमने गए थे, जहां से उन्हें कथित रूप से धक्का दिया गया। शुरुआत में इसे एक हादसा माना गया, लेकिन बाद में मिले डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों ने पुलिस को जांच की दिशा बदलने पर मजबूर कर दिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच पिछले छह महीनों से लगातार संपर्क था। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों के बीच हजारों कॉल और लगातार चैटिंग हुई, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह घटना अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से बनाई गई योजना का हिस्सा थी।

हत्या की कथित साजिश कैसे रची गई?

केतन अग्रवाल मर्डर केस: लोहागढ़ किले से धक्का देकर हत्या का सनसनीखेज मामला, जानिए पूरी कहानी

पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला केवल एक पल में हुआ अपराध नहीं था, बल्कि इसके पीछे कई स्तरों पर योजना बनाई गई थी—

  • सिया और चेतन की मुलाकात एक दिवाली पार्टी के दौरान हुई थी
  • यहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं
  • सिया कथित तौर पर केतन से शादी नहीं करना चाहती थी
  • इसके बाद दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई

घटनाक्रम का चौंकाने वाला मोड़

जांच में सामने आए कुछ अहम बिंदु इस प्रकार हैं:

  1. लंबे समय से चल रही बातचीत: दोनों आरोपियों के बीच लगातार महीनों तक संपर्क रहा, जो इस केस का सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत माना जा रहा है।
  2. किले पर संदिग्ध गतिविधियां: घटना के दिन एक संदिग्ध व्यक्ति हुडी, मास्क और ईयरमफ के साथ दिखाई दिया, जो CCTV में भी रिकॉर्ड हुआ।
  3. साइन लैंग्वेज में इशारे: पुलिस को शक तब हुआ जब फुटेज में आरोपी सिया और संदिग्ध व्यक्ति के बीच इशारों में बातचीत होती दिखी।
  4. असफल पहली कोशिश: 14 जून को कथित तौर पर केतन को धक्का देने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह योजना सफल नहीं हो पाई।
  5. पासपोर्ट से जुड़ा विवाद: रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेश यात्रा के दौरान पासपोर्ट को लेकर भी विवाद हुआ था, जिसे बाद में नष्ट किए जाने का दावा सामने आया है।
  6. जन्मदिन और होटल बुकिंग का एंगल: जांच में यह भी सामने आया कि सिया के जन्मदिन के लिए एक लग्जरी होटल में बड़ी बुकिंग की गई थी, जो इस केस से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी मानी जा रही है।
  7. अंतिम योजना और कैफे मीटिंग: घटना से पहले दोनों आरोपियों ने एक कैफे में मुलाकात कर अंतिम योजना को अंजाम देने की रणनीति बनाई थी।

पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सुनियोजित साजिश, डिजिटल साक्ष्य और पूर्व नियोजित रणनीति के संकेत मिल रहे हैं।

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