खान सर की अग्रिम जमानत पर 7 जुलाई को होगी सुनवाई, बॉडीगार्ड्स की बेल पर भी फैसला; हथियारों के दस्तावेज बने केस का अहम मुद्दा

पटना में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर अब 7 जुलाई को सुनवाई होगी। बॉडीगार्ड्स की जमानत पर भी फैसला होना है। हथियारों के दस्तावेज और लाइसेंस जांच का प्रमुख आधार बने हैं।
खान सर की अग्रिम जमानत पर 7 जुलाई को होगी सुनवाई, बॉडीगार्ड्स की बेल पर भी फैसला; हथियारों के दस्तावेज बने केस का अहम मुद्दा
Photo Credit / Attribution: Google

पटना: चर्चित शिक्षक फैजल खान (खान सर) की अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई तय कर दी। अब इसी दिन खान सर के साथ-साथ उनके दोनों बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई होने की संभावना है। मामले का केंद्र बिंदु 2 जून की रात खान सर की कोचिंग के बाहर हुई फायरिंग और उसमें इस्तेमाल किए गए हथियारों की वैधता तथा लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज हैं।

शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत में इस मामले पर संक्षिप्त बहस हुई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि इस प्रकरण की सुनवाई जिला जज के स्तर पर भी चल रही है, इसलिए फिलहाल इस स्तर पर हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा। इसके बाद अदालत ने मामले को 7 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया। अब कानूनी जानकारों की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां खान सर और उनके सहयोगियों की अग्रिम जमानत पर महत्वपूर्ण फैसला आ सकता है।

इससे पहले 30 जून को हुई सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने अदालत में दलील दी थी कि खान सर के बॉडीगार्ड्स के पास मौजूद हथियारों का उपयोग दहशत फैलाने के उद्देश्य से किया गया। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि फायरिंग की घटना गंभीर है और हथियारों से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच आवश्यक है।

वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद मौआर ने अदालत में कहा था कि संबंधित हथियार लाइसेंसी हैं और उनके दस्तावेज पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी है। इसी दलील के बाद अदालत ने जांच अधिकारी (आईओ) और लोक अभियोजक से हथियारों के लाइसेंस एवं अन्य संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इन दस्तावेजों के आधार पर अदालत अब जमानत याचिकाओं पर विचार करेगी।

यह पूरा मामला 2 जून की रात का है, जब पटना में खान सर की कोचिंग संस्थान के बाहर उनके सुरक्षा कर्मियों द्वारा फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। बाद में 4 जून को दोनों बॉडीगार्ड्स प्रदीप कुमार और तालेबर (तालेश्वर) सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था।

पुलिस जांच के दौरान हथियारों के लाइसेंस और उनकी वैधता की जांच की गई। जांच में सामने आया कि तालेबर सिंह के नाम पर जारी हथियार लाइसेंस उत्तर प्रदेश से संबंधित है, लेकिन पुलिस का दावा है कि उसका परमिट पूरे भारत में मान्य नहीं था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि बिहार में हथियार लेकर सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए आवश्यक अनुमति उपलब्ध नहीं थी। इसी बिंदु को पुलिस ने अपनी अपडेटेड केस डायरी में भी शामिल किया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि बिहार में हथियार के साथ सुरक्षा ड्यूटी करने की जानकारी स्थानीय प्रशासन, आर्म्स मजिस्ट्रेट या संबंधित थाने को नहीं दी गई थी। यदि ऐसा पाया जाता है, तो यह शस्त्र अधिनियम और अन्य संबंधित नियमों के तहत जांच का विषय बन सकता है। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के हथियार की जांच में भी पुलिस ने कुछ बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि हथियार का लाइसेंस आत्मरक्षा के उद्देश्य से जारी किया गया था और अब यह जांच की जा रही है कि उसका उपयोग निर्धारित शर्तों के अनुरूप हुआ या नहीं। इन तथ्यों को भी केस डायरी में शामिल किया गया है और अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

जांच के दौरान यह सवाल भी उठाया गया है कि सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति के समय आवश्यक पुलिस सत्यापन और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं या नहीं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। वहीं बचाव पक्ष का कहना है कि सभी तथ्यों का उचित मूल्यांकन अदालत करेगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत उनका पक्ष भी सुना जाएगा।

अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तारीख 7 जुलाई होगी। इसी दिन अदालत हथियारों के दस्तावेज, पुलिस की केस डायरी, अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करेगी। इसके बाद खान सर की अग्रिम जमानत और दोनों बॉडीगार्ड्स की बेल याचिकाओं पर निर्णय आने की संभावना है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

Leave a comment