किडनी कांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: 25 हजार का इनामी डॉ. रोहित दिल्ली से चला रहा था पूरा सिंडीकेट

किडनी कांड के फरार मास्टरमाइंड डॉ. रोहित को पुलिस ने गिरफ्तार किया। 25 हजार का इनामी आरोपी दिल्ली से पूरा सिंडीकेट ऑपरेट कर रहा था।
किडनी कांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: 25 हजार का इनामी डॉ. रोहित दिल्ली से चला रहा था पूरा सिंडीकेट
Photo Credit / Attribution: google

कानपूर-किडनी तस्करी के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड डॉ. रोहित को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉ. रोहित पिछले कई महीनों से फरार था और गुप्त रूप से पूरे सिंडीकेट को संचालित कर रहा था। जांच में यह सामने आया है कि वह दिल्ली से बैठकर इस अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट को ऑपरेट कर रहा था। इस नेटवर्क में कई एजेंट, बिचौलिए और मेडिकल से जुड़े लोग शामिल थे, जो मिलकर गरीब और मजबूर लोगों को अपना शिकार बनाते थे।

बताया जा रहा है कि यह सिंडीकेट बेहद शातिर तरीके से काम करता था। जरूरतमंद और गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर उनसे किडनी निकलवाई जाती थी, जबकि दूसरी ओर अमीर मरीजों से मोटी रकम वसूली जाती थी। इस पूरे खेल में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि यह दिखाया जा सके कि दाता और रिसीवर के बीच कोई पारिवारिक संबंध है।

पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली में छापेमारी की और आखिरकार डॉ. रोहित को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया। उसके पास से कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी बरामद किए गए हैं, जिनसे इस रैकेट के और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

इस मामले में पहले भी कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन मास्टरमाइंड के फरार रहने के कारण जांच पूरी तरह से आगे नहीं बढ़ पा रही थी। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सकेगा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डॉ. रोहित से पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। यह भी जांच की जा रही है कि इस रैकेट का नेटवर्क किन-किन राज्यों और देशों तक फैला हुआ था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इसमें कितने अस्पताल और डॉक्टर शामिल थे।

इस घटना ने एक बार फिर देश में अवैध अंग तस्करी के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि मानवता के खिलाफ एक बड़ा अपराध भी है, जिसमें लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी जान से खिलवाड़ किया जाता है।

स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह के अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे।

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। डॉ. रोहित को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है, ताकि उससे और जानकारी हासिल की जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

यह गिरफ्तारी न केवल पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है, बल्कि समाज के लिए भी एक राहत की खबर है, क्योंकि इससे एक बड़े और खतरनाक अपराध नेटवर्क पर शिकंजा कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है

 

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