‘किस किसको प्यार करूं 2’ रिव्यू: कपिल शर्मा की कॉमिक टाइमिंग, धर्मों का दिलचस्प ट्विस्ट और ढेर सारा हंगामा

‘किस किसको प्यार करूं 2’ में कपिल शर्मा की कॉमिक टाइमिंग, मज़ेदार ड्रामा और धर्मों का दिलचस्प ट्विस्ट खूब मनोरंजन करता है। फिल्म की पूरी रिव्यू और हाइलाइट्स

कपिल शर्मा का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में कॉमेडी का ख्याल आता है। उनकी कमाल की टाइमिंग, मासूमियत और आम जिंदगी से जुड़े हास्य ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बनाया है। लंबे समय बाद कपिल अपनी नई फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं 2’ के साथ पर्दे पर लौटे हैं। प

Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review: कपिल शर्मा जब भी स्क्रीन पर दिखाई देते हैं, हंसी अपने-आप साथ चली आती है। उनकी कॉमिक टाइमिंग, सरल अंदाज़ और आम इंसान वाली मासूमियत उन्हें आज भी विशाल दर्शक वर्ग का पसंदीदा कलाकार बनाती है। लंबे समय बाद कपिल अपनी नई फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं 2’ लेकर लौटे हैं—एक ऐसी हल्की-फुल्की पारिवारिक कॉमेडी जो न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को भी पसंद आ सकती है। 

पहली फिल्म की सफलता के बाद इस सीक्वल से उम्मीदें ऊंची थीं; सवाल सिर्फ इतना था कि क्या यह फिल्म भी वैसी ही मस्ती और धमाल पेश करेगी? आइए, इस विस्तृत और SEO-फ्रेंडली रिव्यू में जानते हैं।

कहानी: एक प्रेम, चार रिश्ते और पहचान का तगड़ा कंफ्यूजन

फिल्म की कहानी की जड़ें पहले भाग से मिलती-जुलती हैं, लेकिन इस बार ड्रामा और कन्फ्यूजन का स्तर एक कदम आगे बढ़ जाता है। केंद्रीय किरदार मोहन, जिसे कपिल शर्मा ने निभाया है, एक सरल हिंदू युवक है जो अपनी प्रेमिका सान्या (हीरा वरीना) से शादी करना चाहता है। परिस्थितियाँ मोहन को ऐसे मोड़ पर पहुंचा देती हैं कि वह अलग-अलग हालात में तीन महिलाओं से तीन भिन्न धर्मों की पहचान बनाकर विवाह कर लेता है।

  • मीरा (त्रिधा चौधरी) – जिसे पाने के लिए मोहन हिंदू पहचान अपनाता है।
  • रूही (आयशा खान) – जिसके लिए वह ‘महमूद’ बन जाता है।
  • जेनी (पारुल गुलाटी) – जिसके लिए मोहन ‘माइकल’ की पहचान ओढ़ता है।

कहानी तब असली कॉमेडी मोड में जाती है, जब तीनों पत्नियाँ एक ही शहर में रहती हैं और मोहन लगातार अपनी पहचानें संभालते-संभालते फंसता चला जाता है। मुश्किल तब और बढ़ती है जब उसकी पहली मोहब्बत सान्या उसकी जिंदगी में लौट आती है, और मोहन चौथी शादी के करीब पहुंच जाता है। जैसे ही सच सामने आता है, हंगामा शुरू होता है—जो फिल्म का सबसे मनोरंजक हिस्सा साबित होता है।

‘किस किसको प्यार करूं 2’ रिव्यू: कपिल शर्मा की कॉमिक टाइमिंग, धर्मों का दिलचस्प ट्विस्ट और ढेर सारा हंगामा

फिल्म कैसी है?

फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है इसका साफ-सुथरा हास्य। आज के दौर में जहां कॉमेडी अक्सर डबल मीनिंग पर निर्भर हो जाती है, यह फिल्म परिवार के हर सदस्य के साथ देखने योग्य है। इसका टोन क्लासिक बॉलीवुड कॉमेडियों—खासकर 90 के दशक के गोविंदा स्टाइल हंगामाखेड़ा—की याद दिलाता है।

फिल्म में तर्क ढूंढना गलत होगा, क्योंकि इसका उद्देश्य सिर्फ हंसाना और मनोरंजन करना है। कई दृश्य अवास्तविक लग सकते हैं, लेकिन यही अवास्तविकता फिल्म की कॉमिक दुनिया को आकार देती है। धर्मों के बीच समानता और प्रेम के सार्वभौमिक रूप को हल्के अंदाज़ में प्रस्तुत करना भी फिल्म की सकारात्मक बात है।

अभिनय: कपिल चमके, सपोर्टिंग कास्ट ने दिया अच्छा साथ

कपिल शर्मा ने एक बार फिर साबित किया है कि कॉमेडी में उनका कोई जवाब नहीं। इस बार उन्होंने भावनात्मक दृश्यों में भी परिपक्वता दिखाई है।

  • त्रिधा चौधरी संतुलित और सहज अभिनय से प्रभावित करती हैं।
  • आयशा खान अपनी स्क्रीन प्रेज़ेंस और अभिव्यक्ति से ध्यान खींचती हैं।
  • पारुल गुलाटी ने छोटे रोल में भी अच्छा काम किया है।
  • हीरा वरीना अपेक्षा के अनुरूप प्रभाव नहीं छोड़तीं; उनके भाव और संवादों में थोड़ी नकलीपन झलकता है।

वरिष्ठ अभिनेता असरानी को दोबारा पर्दे पर देखना बेहद सुखद है। वहीं जैमी लीवर ने अपने पिता जॉनी लीवर जैसी तीखी कॉमिक टाइमिंग से खूब हंसाया है।

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