कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत और 25 के घायल होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार सतर्क हो गई है। CM योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को पंडालों में सुरक्षा इंतजाम जांचने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ: कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भीड़भाड़ वाले पूजा स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को अग्नि सुरक्षा, बिजली व्यवस्था, प्रवेश और निकास द्वारों की जांच करने को कहा है। अधिकारियों को फील्ड में रहकर निगरानी करने और इमरजेंसी एग्जिट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
कोलकाता हादसे के बाद यूपी में दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
कोलकाता के चोरबागान इलाके में दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी दुर्गा पूजा पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
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मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को अपने-अपने क्षेत्रों में पंडालों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के पर्याप्त इंतजाम हों और किसी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में परेशानी न हो।
प्रशासन को अग्नि सुरक्षा के उपकरणों की उपलब्धता और उनकी स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पंडालों में प्रवेश और निकास द्वारों की व्यवस्था का निरीक्षण करने तथा इमरजेंसी एग्जिट पर्याप्त संख्या में रखने को कहा गया है। बिजली के तारों, कनेक्शन और अन्य विद्युत व्यवस्थाओं की भी जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
कोलकाता के पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत
यह सतर्कता कोलकाता के चोरबागान स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार देर शाम हुए हादसे के बाद बरती जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वहां भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हुए। घटना के बाद पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पूजा स्थलों पर लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना, रास्तों को खुला रखना और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। उत्तर प्रदेश में प्रशासन को इन्हीं बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।
बलरामपुर में पंडाल के बाहर कार की टक्कर से तीन की मौत
इसी बीच उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में भी दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। शनिवार देर रात देहात थाना क्षेत्र के चिरगहिया बेल्हा गांव में कुछ श्रद्धालु सड़क किनारे पंडाल के बाहर वीडियो देख रहे थे। इसी दौरान सिद्धार्थनगर की ओर जा रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी और कई लोगों को कुचलते हुए निकल गई।
पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के मुताबिक, हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए। मृतकों की पहचान मनोज सिंह (40), गणेश (35) और पाटेश्वरी (50) के रूप में हुई है। घायलों में छेदी राम (45) और डबलू (35) की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए बहराइच रेफर किया गया। दो अन्य घायलों का स्थानीय अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला मेमोरियल चिकित्सालय पहुंचाया, जहां तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर हादसे पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया। कोलकाता की घटना और बलरामपुर हादसे के बाद दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर निगरानी का महत्व और बढ़ गया है।









