कोलकाता SSKM अस्पताल में 15 वर्षीय लड़की के साथ छेड़छाड़, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार

कोलकाता SSKM अस्पताल में 15 वर्षीय लड़की के साथ पूर्व कर्मचारी अमित मलिक ने छेड़छाड़ की। आरोपी गिरफ्तार, CCTV में घटना कैद, मामला POCSO एक्ट के तहत दर्ज।

कोलकाता के SSKM अस्पताल में 15 साल की नाबालिग लड़की के साथ पूर्व कर्मचारी अमित मलिक ने ओपीडी के पास शौचालय में छेड़छाड़ की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़िता का बयान दर्ज किया, मामला पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज।

कोलकाता: SSKM अस्पताल में एक 15 वर्षीय किशोरी के साथ शर्मनाक छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोपी अमित मलिक, जो अस्पताल का पूर्व कर्मचारी बताता था, ने लड़की को बहला-फुसलाकर अस्पताल के शौचालय में ले जाकर उसके साथ छेड़छाड़ की। घटना अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर (TCC) भवन के ग्राउंड फ्लोर पर हुई, जो ओपीडी भवन से लगभग 200 मीटर दूर है। पुलिस ने आरोपी को धापा के मल्लिकपाड़ा स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

SSKM अस्पताल में लड़की से छेड़छाड़ का मामला 

दक्षिण 24 परगना की रहने वाली पीड़िता अपने माता-पिता के साथ 1 बजे SSKM अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर का इंतजार कर रही थी। तभी मलिक, हरे रंग की वर्दी पहनकर लड़की के पास आया और उसे अपने साथ चलने के लिए कहा। पीड़िता ने उसे अस्पताल का कर्मचारी या वार्ड बॉय समझा।

मलिक ने लड़की को सीटी स्कैन और एमआरआई यूनिट से जुड़े शौचालय में जबरदस्ती ले जाकर छेड़छाड़ की। इस दौरान लड़की ने चिल्लाना शुरू किया, लेकिन आरोपी वहां से फरार हो गया।

CCTV में कैद हुआ आरोप का क्रूर चेहरा

कोलकाता SSKM अस्पताल में 15 वर्षीय लड़की के साथ छेड़छाड़, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार

अस्पताल के कर्मचारियों ने तुरंत TCC भवन के ग्राउंड फ्लोर के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया कि अमित मलिक ने लड़की को बहला-फुसलाकर अलग जगह ले जाया और उसके साथ छेड़छाड़ की। पुलिस ने CCTV फुटेज को सबूत के रूप में अपने कब्जे में लिया।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) रूपेश कुमार ने बताया कि भवानीपुर पुलिस स्टेशन में पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और आरोपी के खिलाफ गहन जांच जारी है।

आरोपी का भ्रामक बयान और फर्जी पहचान

अमित मलिक ने पुलिस को बताया कि वह पहले शंभुनाथ पंडित अस्पताल और कोलकाता पुलिस अस्पताल में काम कर चुका है। लेकिन जांच में यह खुलासा हुआ कि पिछले दो साल में उसका किसी भी अस्पताल में कर्मचारी रिकॉर्ड नहीं है।

SSKM अस्पताल ने कहा कि मलिक न तो वार्ड बॉय था और न ही सुरक्षा गार्ड एजेंसी के रिकॉर्ड में उसका नाम है। आरोपी का बयान प्रथम दृष्टया भ्रामक प्रतीत होता है और पुलिस इस पर और गहन जांच कर रही है।

Leave a comment