कोटा में दर्दनाक हादसा: 11 केवी लाइन पर काम करते समय करंट लगने से लाइनमैन की मौत

राजस्थान के कोटा जिले में 11 केवी लाइन पर काम करते समय लाइनमैन करंट की चपेट में आने से झुलस गया, अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस जांच में जुटी है।

कोटा के कैथून क्षेत्र में 11 केवी बिजली लाइन पर काम करते समय लाइनमैन रोडूलाल करंट की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

कोटा: राजस्थान के कोटा ग्रामीण जिले में बिजली लाइन पर काम कर रहे एक लाइनमैन की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा कैथून थाना क्षेत्र के झालीपुरा इलाके में मंगलवार दोपहर हुआ, जब एक श्रमिक 11 केवी हाई-वोल्टेज लाइन पर काम कर रहा था। अचानक करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

मृतक की पहचान झालावाड़ निवासी रोडूलाल के रूप में

हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिक की पहचान रोडूलाल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से झालावाड़ जिले का निवासी था। वह वर्तमान में कैथून क्षेत्र में रहकर बिजली विभाग के ठेकेदार के अधीन काम कर रहा था।

स्थानीय जानकारी के अनुसार, रोडूलाल बिजली लाइनों के रखरखाव और मरम्मत जैसे कार्यों में लगा हुआ था और यह काम वह एक निजी ठेकेदार के माध्यम से कर रहा था।

11 केवी लाइन पर काम करते समय हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों और सहकर्मियों के अनुसार, रोडूलाल मंगलवार दोपहर झालिपुरा क्षेत्र में बिजली के खंभे पर चढ़कर काम कर रहा था। उसी दौरान वह 11 केवी हाई-वोल्टेज लाइन की चपेट में आ गया।

करंट लगते ही वह बिजली के तारों से चिपक गया और बुरी तरह झुलस गया। घटना स्थल पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत उसे नीचे उतारा और आनन-फानन में कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

घायल श्रमिक को गंभीर हालत में एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

डॉक्टरों के अनुसार, करंट का प्रभाव अत्यधिक था और शरीर का बड़ा हिस्सा गंभीर रूप से झुलस चुका था, जिसके कारण उसे बचाया नहीं जा सका।

क्रेन ऑपरेटर के साथ मौके पर गया था कर्मचारी

जानकारी के अनुसार, रोडूलाल को काम पर एक क्रेन ऑपरेटर के साथ भेजा गया था। वह जेवीवीएनएल (जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) के ठेकेदार के अधीन काम कर रहा था।

कोटा में दर्दनाक हादसा: 11 केवी लाइन पर काम करते समय करंट लगने से लाइनमैन की मौत

घटना के समय सुरक्षा उपकरणों की स्थिति और काम के दौरान मानकों का पालन किया गया या नहीं, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। सहकर्मियों का कहना है कि अचानक करंट लगने से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

पुलिस ने शुरू की जांच, शव मोर्चरी में रखा गया

हादसे की सूचना मिलते ही कैथून थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और परिजनों को सूचना दी।

बाद में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल

इस हादसे के बाद बिजली विभाग और ठेकेदार व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 11 केवी जैसी हाई-वोल्टेज लाइनों पर काम करते समय सुरक्षा उपकरणों और मानक प्रक्रियाओं का पालन अत्यंत आवश्यक होता है।

स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों का कहना है कि कई बार काम के दौरान सुरक्षा उपकरणों की कमी या लापरवाही के कारण ऐसे हादसे सामने आते हैं, जो जानलेवा साबित होते हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में शोक का माहौल

रोडूलाल की मौत की खबर से उसके परिवार और स्थानीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से उचित मुआवजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

बिजली विभाग की भूमिका पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग में ठेका प्रणाली और कार्य सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या हाई-वोल्टेज कार्यों के दौरान पर्याप्त प्रशिक्षण और सुरक्षा गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है या नहीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता और सख्त निगरानी जरूरी है।

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