भारत की प्रमुख आईवियर रिटेल कंपनी Lenskart एक तरफ शेयर बाजार की तेजी के बीच दबाव में दिखी, तो दूसरी ओर कंपनी के कथित ड्रेस कोड विवाद ने सोशल मीडिया पर बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। मंगलवार को कंपनी के शेयरों में लगभग 5% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
बिजनेस न्यूज़: Lenskart के शेयरों में आज कारोबार के दौरान तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार में तेजी के बावजूद कंपनी के स्टॉक में करीब 4% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। पिछले सत्र में यह शेयर 534.85 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि आज यह 530.05 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान यह लगभग 5% गिरकर 508.70 रुपये तक फिसल गया।
15 अप्रैल को यह शेयर 559.80 रुपये के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंचा था, लेकिन उसके बाद इसमें लगातार गिरावट देखने को मिल रही है और अब तक यह करीब 7% से ज्यादा टूट चुका है।
शेयरों में तेज गिरावट, ऑल-टाइम हाई से फिसला स्टॉक
बाजार में सामान्य तेजी के बावजूद लेंसकार्ट के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। शेयर ने 530.05 रुपये पर ओपनिंग की और दिन के दौरान 508.70 रुपये तक फिसल गया, जो करीब 5% की गिरावट दर्शाता है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब 15 अप्रैल को कंपनी का शेयर 559.80 रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था।
इसके बाद से स्टॉक में लगभग 7% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण (market cap) भी घटकर 90,000 करोड़ रुपये से नीचे आ गया है, जिससे निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी है।
आईपीओ से लेकर अब तक का प्रदर्शन
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लेंसकार्ट का आईपीओ पिछले साल नवंबर में आया था, जो 31 अक्टूबर को खुला और 4 नवंबर को बंद हुआ था। इसका इश्यू प्राइस 402 रुपये तय किया गया था और यह 28.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। स्टॉक एक्सचेंजों पर इसकी लिस्टिंग 10 नवंबर को हुई थी। लिस्टिंग के बाद से कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया है, हालांकि हालिया विवाद के बाद इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
पिछले छह महीनों में शेयर लगभग 27.91% तक चढ़ा था, जबकि इस साल अब तक इसमें 17.58% की बढ़त दर्ज की गई थी। कंपनी के कथित आंतरिक ग्रूमिंग और ड्रेस कोड नीति को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। एक वायरल दस्तावेज में यह दावा किया गया कि कुछ धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिसके बाद लोगों ने कंपनी के बहिष्कार (boycott) की मांग शुरू कर दी। विवाद तेजी से बढ़ने के बाद कंपनी को सार्वजनिक रूप से सफाई देनी पड़ी।
कंपनी का बयान और माफी
लेंसकार्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बयान जारी कर कहा कि कंपनी अपने कर्मचारियों और ग्राहकों की भावनाओं का सम्मान करती है और किसी भी प्रकार की गलतफहमी के लिए खेद प्रकट करती है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि जो दस्तावेज वायरल हुआ था, वह पुराना और असंबंधित संस्करण था, जो वर्तमान नीति को प्रतिबिंबित नहीं करता।
लेंसकार्ट ने अपने नए “इन-स्टोर स्टाइल गाइड” में स्पष्ट किया है कि सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को अनुमति दी जाएगी। इसमें बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे प्रतीक शामिल हैं। कंपनी ने कहा, यदि हमारे किसी भी संचार से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो हमें गहरा खेद है। यह लेंसकार्ट की पहचान नहीं है और न ही कभी होगी।









