भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को शुक्रवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। सामने आई जानकारी के मुताबिक, उन्हें सीने में संक्रमण और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें सीने में संक्रमण और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।
आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उनकी मौजूदा स्थिति, संक्रमण की गंभीरता और उपचार से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए अस्पताल या उनके परिवार की ओर से जारी आधिकारिक अपडेट का इंतजार करना जरूरी है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी अपुष्ट जानकारी को तथ्य के रूप में साझा करने से बचना चाहिए।
98 साल के हैं लालकृष्ण आडवाणी, नवंबर में मनाएंगे जन्मदिन
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह 98 वर्ष के हैं और 8 नवंबर को अपना 99वां जन्मदिन मनाने वाले हैं। वह दिल्ली के पृथ्वीराज रोड स्थित अपने आवास पर रहते हैं। बढ़ती उम्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें समय-समय पर चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत पड़ती रही है।
दिसंबर 2024 में भी आडवाणी को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उन्हें चिकित्सा मूल्यांकन और जरूरी जांच के लिए अस्पताल में रखा गया था। फिलहाल उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अस्पताल की ओर से विस्तृत मेडिकल बुलेटिन सामने आने पर ही उपचार और उनकी सेहत से संबंधित अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में की थी मुलाकात
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2026 को लालकृष्ण आडवाणी से उनके आवास पर मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नेता का आशीर्वाद लिया और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद किया था। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए आडवाणी के लंबे सार्वजनिक जीवन और देश के विकास में उनकी भूमिका की सराहना की थी। आडवाणी को भारतीय राजनीति में भाजपा के विस्तार और संगठन को मजबूत करने वाले प्रमुख नेताओं में गिना जाता है।
लालकृष्ण आडवाणी का राजनीतिक सफर
लालकृष्ण आडवाणी का राजनीतिक करियर कई दशकों तक फैला रहा है। वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के बाद उन्होंने संगठन के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। अटल बिहारी वाजपेयी के साथ उनकी जोड़ी ने पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत पहचान दिलाने में योगदान दिया। आडवाणी लंबे समय तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।
उनके नेतृत्व के दौर में पार्टी का राजनीतिक आधार बढ़ा और वह देश की प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों में शामिल हुई। वर्ष 1984 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को केवल दो सीटें मिली थीं, जबकि 1998 के चुनाव में पार्टी ने 182 सीटें हासिल की थीं। इस राजनीतिक विस्तार में आडवाणी के संगठनात्मक नेतृत्व और पार्टी की रणनीति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली
लालकृष्ण आडवाणी ने केंद्र सरकार में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह 1998 से 2004 के बीच केंद्रीय गृह मंत्री रहे और 2002 से 2004 तक देश के उप प्रधानमंत्री के पद पर कार्य किया। संसद में उनकी लंबी उपस्थिति और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें भाजपा के प्रमुख विचारकों और नेताओं में स्थान मिला।
वर्ष 2019 में सक्रिय चुनावी राजनीति से दूर होने के बाद भी आडवाणी पार्टी के वरिष्ठ मार्गदर्शक के रूप में जाने जाते रहे। वर्ष 2024 में भारत सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। यह सम्मान सार्वजनिक जीवन और देश के प्रति उनके योगदान के लिए दिया गया।









