लम्बे विवादों के बाद स्वीटी-दीपक का तलाक, 2022 में हुई थी शादी, आपसी सहमति से खत्म किया रिश्ता

बॉक्सर Sweety Boora और कबड्डी प्लेयर Deepak Hooda दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। 2022 में शादी के बाद विवाद बढ़ा, अब बिना किसी कंपनसेशन के अलग हुए।

स्वीटी  बूरा और दीपक हुड्डा ने हिसार कोर्ट में आपसी सहमति से तलाक ले लिया। लंबे विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बाद दोनों बिना किसी कंपनसेशन के अलग हो गए।

स्पोर्ट्स न्यूज़ : भारतीय खेल जगत की चर्चित हस्तियों में शामिल वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर Sweety Boora और भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान Deepak Hooda ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया है। हरियाणा के हिसार में फैमिली कोर्ट ने दोनों के संयुक्त आवेदन पर विवाह विच्छेद को मंजूरी दे दी। इस फैसले के साथ पिछले एक साल से चल रहा सार्वजनिक विवाद, कानूनी आरोप-प्रत्यारोप और निजी तनाव औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।

दोनों की शादी 2022 में हुई थी। शुरुआत में यह रिश्ता भारतीय खेल जगत की चर्चित जोड़ियों में गिना जाता था, लेकिन 2025 में दोनों के बीच गंभीर मतभेद सामने आए। अब अदालत में दिए गए बयान में दोनों ने स्पष्ट किया कि साथ रहना संभव नहीं है।

कोर्ट में आपसी सहमति: बिना गुजारा भत्ते के अलगाव

सूत्रों के अनुसार, हिसार फैमिली कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों खिलाड़ी मौजूद थे। अदालत के समक्ष दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तलाक की बात रखी। खास बात यह रही कि तलाक बिना किसी वित्तीय समझौते या मुआवजे के हुआ।

इससे पहले:

स्वीटी बूरा ने ₹50 लाख गुजारा भत्ते की मांग की थी

₹1.5 लाख मासिक भरण-पोषण खर्च की भी मांग की गई थी

हालांकि, अंतिम समझौते में किसी तरह का कंपनसेशन शामिल नहीं रहा। यह संकेत देता है कि लंबी कानूनी लड़ाई से बचने के लिए दोनों ने विवाद समाप्त करने का व्यावहारिक रास्ता चुना।

रिश्ते में कब आई दरार?

Sweety Boora और Deepak Hooda की शादी 2022 में हुई थी। दोनों अपने-अपने खेल में सफल रहे हैं और इस रिश्ते को शुरुआत में खेल जगत की प्रेरक साझेदारी माना गया।

लेकिन फरवरी 2025 से रिश्ते में तनाव की खबरें सामने आने लगीं। निजी विवाद जल्द ही कानूनी और सार्वजनिक विवाद में बदल गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए।

स्वीटी बूरा के आरोप: दहेज, घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना

फरवरी 2025 में स्वीटी बूरा ने हिसार महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने पति पर:

दहेज प्रताड़ना

शारीरिक हिंसा

मानसिक उत्पीड़न

पासपोर्ट रोकने

जान से मारने की कोशिश

जैसे गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने यह भी कहा कि शादी के बाद उन पर बॉक्सिंग छोड़ने का दबाव बनाया गया और घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित करने की कोशिश हुई।

स्वीटी के अनुसार, शादी में परिवार की ओर से पर्याप्त उपहार और आर्थिक सहयोग दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद रिश्ते में सम्मान और सुरक्षा नहीं मिल सकी।

दीपक हुड्डा  ने लगाए संपत्ति और आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप

विवाद के बाद Deepak Hooda ने भी पलटवार करते हुए रोहतक में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि:

हिसार के एक प्लॉट की खरीद में वित्तीय धोखाधड़ी हुई

पत्नी और उनके परिवार ने आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता नहीं रखी

लाखों रुपये की ठगी हुई

दीपक की शिकायत में स्वीटी के परिवार के कुछ सदस्यों पर भी आरोप लगाए गए।

हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया। इसलिए इन दावों को केवल पक्षों के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

महिला थाने में विवाद और वायरल वीडियो

मार्च 2025 में हिसार महिला थाने में पूछताछ के दौरान दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया गया। इसी दौरान कथित तौर पर हाथापाई हुई, जिसके बाद मामला और सुर्खियों में आ गया।

दोनों के बीच का झगडे का वीडियो वायरल हुआ जिसमे 

स्वीटी बूरा दीपक हुड्डा की ओर बढ़ती दिखाई दीं

दोनों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसे दृश्य दिखे

स्वीटी ने बाद में कहा कि:

वीडियो अधूरा था

संदर्भ से काटकर पेश किया गया

उन्हें उकसाया गया था

यह घटना दिखाती है कि निजी विवाद जब सार्वजनिक दायरे में आते हैं, तो उनका भावनात्मक और सामाजिक असर कई गुना बढ़ जाता है।

खेल करियर पर असर

दोनों खिलाड़ी अपने-अपने क्षेत्र में बड़े नाम हैं।

स्वीटी बूरा:

विश्व चैंपियन बॉक्सर

हरियाणा की प्रमुख महिला खिलाड़ी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व

दीपक हुड्डा:

भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान

एशियाई खेलों और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में सफल खिलाड़ी

इस निजी विवाद का असर:

सार्वजनिक छवि पर पड़ा

खेल फोकस पर असर डाल सकता था

मानसिक दबाव बढ़ा सकता था

ऐसे मामलों में खिलाड़ी केवल व्यक्तिगत नहीं, पेशेवर चुनौतियों से भी जूझते हैं।

हाई-प्रोफाइल रिश्तों पर सार्वजनिक दबाव

खेल और मनोरंजन जगत की चर्चित जोड़ियों पर सार्वजनिक नजर हमेशा रहती है। ऐसे में:

निजी मतभेद जल्दी सुर्खियां बनते हैं

सोशल मीडिया दबाव बढ़ाता है

अफवाहें स्थिति को जटिल बनाती हैं

स्वीटी और दीपक का मामला इस बात की मिसाल है कि निजी रिश्तों के टूटने में सार्वजनिक चर्चा कितनी संवेदनशील हो सकती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि:

निजी विवादों में गोपनीयता जरूरी है

कानूनी प्रक्रिया को सम्मान मिलना चाहिए

सोशल मीडिया ट्रायल से बचना चाहिए

नई शुरुआत की ओर

तलाक के इस फैसले के साथ दोनों खिलाड़ियों के लिए एक कठिन अध्याय खत्म हुआ है। आपसी सहमति से अलग होने का फैसला यह दर्शाता है कि लंबे विवाद के बाद दोनों ने अपने-अपने रास्ते चुनने का निर्णय लिया।

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