लोकसभा में वंदे मातरम बहस! प्रियंका गांधी ने विपक्षी आरोपों पर दिया जवाब

लोकसभा में वंदे मातरम पर बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि राष्ट्रगीत देशभक्ति का प्रतीक है, इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना गलत है।

लोकसभा में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर बहस हुई। प्रियंका गांधी ने कहा कि यह गीत भारत की आत्मा और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इसे चुनावी लाभ के लिए राजनीतिक मुद्दा बना रही है।

New Delhi: लोकसभा में हाल ही में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर बहस का दौर शुरू हुआ। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस बहस पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का हिस्सा है। यह राष्ट्रगीत भारतीयों को एकजुट करता है और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों में देशभक्ति की भावना को प्रबल करता रहा।

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने वंदे मातरम को बहस का विषय इसलिए बनाया क्योंकि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव आने वाले हैं। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री इस बहस के जरिए अपनी भूमिका को मजबूती देना चाहते हैं और जनता का ध्यान जरूरी मुद्दों से भटकाना चाहते हैं।

बहस की दो प्रमुख वजह

प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि लोकसभा में वंदे मातरम पर बहस की दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह बंगाल में चुनाव का नजदीक आना है। इसके चलते सरकार इस मुद्दे को उठाकर अपनी राजनीतिक भूमिका को उजागर करना चाहती है। दूसरी वजह यह है कि जिन लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और देश के लिए अपने जीवन की कुर्बानी दी, उन पर आरोप लगाने का मौका सरकार तलाश रही है।

प्रियंका ने कहा कि इस तरह की बहस देशवासियों के लिए भ्रम और भटकाव पैदा करती है। वह बताती हैं कि भाजपा वंदे मातरम के महत्व को सही ढंग से समझने की बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने में लगी है। उनके अनुसार, राष्ट्रगीत का उद्देश्य लोगों को जोड़ना और देशभक्ति की भावना जगाना है, न कि राजनीतिक लाभ उठाना।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

लोकसभा में प्रियंका गांधी के अलावा कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने भी वंदे मातरम बहस पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने पूछा कि क्या 150 साल बाद इस विषय पर बहस की आवश्यकता थी। शुक्ला ने कहा कि देश को आज़ादी को 75 साल हो चुके हैं और न तो भाजपा और न ही जनसंघ ने पहले कभी इसे बहस का विषय बनाया। उनका कहना था कि अब भाजपा रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान करने की कोशिश कर रही है।

राजीव शुक्ला ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी पार्टी अक्सर जवाहरलाल नेहरू को निशाना बनाते रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर को भी इस बहस के जरिए निशाने पर रखा है। उनका यह तर्क था कि यह बहस राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रगीत को लेकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है।

वंदे मातरम का ऐतिहासिक महत्व

प्रियंका गांधी ने लोकसभा में वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि यह गीत बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखा गया और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। वंदे मातरम ने लोगों में देशभक्ति की भावना जगाई और उन्हें अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया।

उन्होंने यह भी बताया कि बंगाल का विभाजन और अन्य राजनीतिक घटनाओं के बावजूद वंदे मातरम ने हमेशा लोगों को जोड़ने का काम किया। यह गीत आज भी भारतीय जनता के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक है। प्रियंका ने कहा कि इसे केवल राजनीतिक बहस का माध्यम बनाना सही नहीं है।

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