LPG आपूर्ति पर राहत: 40 हजार टन गैस लेकर भारतीय जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य किया पार, सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद

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एलपीजी गैस की किल्लत झेल रहे भारत के लोगों के लिए Iran से राहत की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर चल रहा भारतीय ध्वज वाला जहाज शिवालिक सफलतापूर्वक Strait of Hormuz को पार कर गया।

LPG Gas Update: भारत में एलपीजी आपूर्ति को लेकर चल रही चिंता के बीच राहत की खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर Shivalik लगभग 40,000 मीट्रिक टन गैस लेकर Strait of Hormuz पार कर चुका है और जल्द ही भारत पहुंचने की उम्मीद है। इस जहाज के पहुंचने के बाद घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है।

हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर अफवाहें और चिंता बढ़ गई थी, हालांकि सरकार लगातार यह कहती रही है कि किसी तरह की वास्तविक कमी नहीं है।

बिना सुरक्षा के पार किया संवेदनशील जलमार्ग

सूत्रों के अनुसार, एलपीजी से लदा यह जहाज बिना किसी औपचारिक सैन्य सुरक्षा के होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर निकला। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे संवेदनशील और व्यस्त ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। हालांकि, क्षेत्र में मौजूद भारतीय नौसेना के जहाज स्थिति पर नजर बनाए हुए थे ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस मार्ग से ऊर्जा आपूर्ति का सुरक्षित पहुंचना भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, जहाज में लगभग 40 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है और इसके अगले कुछ दिनों में भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा एक और एलपीजी टैंकर को भी भारत के लिए रवाना होने की अनुमति मिल चुकी है, जिससे सप्लाई और बेहतर होने की संभावना है। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि लगातार आपूर्ति बनाए रखने के लिए भारत कई देशों से गैस और कच्चे तेल की खरीद करता है, इसलिए किसी एक मार्ग में बाधा आने पर भी पूरी सप्लाई प्रभावित नहीं होती।

LPG आपूर्ति पर राहत: 40 हजार टन गैस लेकर भारतीय जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य किया पार, सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद

गैस की किल्लत की खबरों पर सरकार का बयान

पिछले कुछ दिनों में देश के कई शहरों में एलपीजी एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गई थीं, जिससे लोगों में गैस की कमी की आशंका बढ़ गई थी। हालांकि सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया कि यह स्थिति वास्तविक कमी की वजह से नहीं बल्कि अफवाहों के कारण बढ़ी मांग से बनी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने कहा कि गलत जानकारी फैलने के कारण लोग घबराकर अधिक संख्या में सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिससे अस्थायी दबाव बना।

उन्होंने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में घरेलू एलपीजी की डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का होता है और देश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मांग को संतुलित रखने के लिए सरकार ने कुछ अस्थायी उपाय भी लागू किए हैं।

  • एलपीजी डिलीवरी के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम लागू किया गया है
  • सिलेंडर लेने के लिए ग्राहक को डिलीवरी एजेंट को कोड देना होगा
  • बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया गया है

सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य जमाखोरी और अनावश्यक बुकिंग को रोकना है, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक गैस समय पर पहुंच सके।

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