लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। फैजुल्लागंज में 40 हजार से अधिक घर प्रभावित हैं। बेहता नाले में भैंस को बचाने उतरा एक युवक लापता है। कई इलाकों में बिजली, पानी और नावों की कमी से लोग परेशान हैं।
उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। फैजुल्लागंज में हजारों घर पानी में डूबे हैं और तीन लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर से कई प्रमुख इलाकों, सड़कों और संस्थानों में पानी भर गया है। इसी बीच बेहता नाले में भैंस को बचाने के दौरान एक युवक लापता हो गया। पुलिस और गोताखोरों की टीम उसकी तलाश में जुटी है।
बेहता नाले में भैंस बचाने उतरा युवक लापता
लखनऊ के बेहता नाले में भैंस को बचाने के प्रयास के दौरान एक युवक तेज बहाव में लापता हो गया। घटना बृहस्पतिवार शाम की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, युवक अपने दोस्त के बुलाने पर भैंस को निकालने के लिए नाले में उतरा था। उसने जूट की रस्सी का सहारा लिया, लेकिन पानी के तेज बहाव के बीच रस्सी हाथ से छूट गई और वह गहरे पानी में चला गया।

युवक को डूबता देखकर उसके साथ मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की टीम की मदद से तलाश शुरू कराई। करीब दो घंटे तक खोजबीन के बावजूद युवक का पता नहीं चल सका। शुक्रवार को भी सर्च अभियान जारी रहने की जानकारी दी गई है।
रहीमाबाद थाना क्षेत्र से जुड़ी इस घटना ने इलाके में चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 11 दिनों में बेहता नाले में डूबने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 27 सितंबर को 35 वर्षीय युवक और 29 सितंबर को 60 वर्षीय किसान की मौत होने की जानकारी सामने आई थी।
फैजुल्लागंज में हजारों घरों में भरा पानी, नावों की कमी
लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में लगातार 11 दिनों से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कई गलियों में पानी काफी ऊपर तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 40 हजार से अधिक घर आधे से ज्यादा पानी में डूब चुके हैं, जबकि तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने, जरूरी सामान लाने और रोजमर्रा के काम निपटाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की ओर से इलाके में 40 से अधिक नावें चलाए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, प्रभावित आबादी के मुकाबले नावों की संख्या कम पड़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। मिल्लत नगर ढाल के निवासियों का कहना है कि उनके इलाके में केवल दो नावें चल रही हैं। लोगों को आने-जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। बाढ़ के बीच जरूरी कामों के लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
कुछ परिवारों ने खुद ही अस्थायी नावें तैयार की हैं। लोग इनका इस्तेमाल बुजुर्गों और परिवार के अन्य सदस्यों को सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने के लिए कर रहे हैं। राहत शिविरों में रह रहे लोगों ने सामान की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। मिल्लत नगर ढाल के एक युवक ने रैन बसेरे में मोबाइल चोरी होने की शिकायत की है।
बिजली-पानी का संकट, प्रमुख इलाकों और संस्थानों में जलभराव
फैजुल्लागंज के कृष्ण लोक नगर और कृष्ण लोक कॉलोनी में बिजली और पानी की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, कुछ हिस्सों में तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। इसके कारण पानी की उपलब्धता पर भी असर पड़ा है। लोग पीने के पानी और घरेलू जरूरतों के लिए पानी जुटाने में परेशान हो रहे हैं। निवासियों का कहना है कि आसपास की कुछ कॉलोनियों में बिजली आ रही है, लेकिन उनके क्षेत्र में आपूर्ति बहाल नहीं हुई है।
उधर, गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हुआ है। वीआईपी इलाकों की सड़कें पानी में डूब गईं और लेटे हनुमान मंदिर तथा हनुमंत धाम समेत कुछ धार्मिक स्थलों में पानी घुसने की खबर है। इकाना स्टेडियम और पलासियो मॉल के आसपास भी जलभराव की स्थिति बनी। पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट लगाए जाने की जानकारी दी गई है।
IIIT परिसर और आपदा प्रबंधन कार्यालय में भी पानी भरने की खबर सामने आई। हालांकि, लखनऊ विकास प्राधिकरण के अनुसार, 8 अक्टूबर की रात तक इकाना स्टेडियम, पलासियो मॉल और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव को नियंत्रित करने के प्रयासों से स्थिति में सुधार हुआ।
गोमती के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर अलग-अलग स्थानों पर बढ़ा है, जबकि कुछ जगहों पर पानी स्थिर होने के संकेत मिले हैं। 8 अक्टूबर शाम 6 बजे गऊघाट पर जलस्तर 108.60 मीटर दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार, यहां सुबह से जलस्तर स्थिर था और अगले 12 घंटों में गिरावट की संभावना जताई गई थी।
हनुमान सेतु पर जलस्तर 7 अक्टूबर शाम 6 बजे के 107.24 मीटर से बढ़कर अगले दिन 107.30 मीटर हो गया। गोमती बैराज पर भी जलस्तर 107.00 मीटर से बढ़कर 107.05 मीटर दर्ज किया गया। विभाग ने दोनों स्थानों पर अगले 24 घंटे में जलस्तर घटने की संभावना जताई थी।
सीतापुर के नैमिषारण्य और भटपुरवा में गोमती का जलस्तर घटने की जानकारी भी सामने आई है। सिंचाई विभाग के मुताबिक, सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई भारी बारिश के बाद पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और लखनऊ के क्षेत्रों का पानी गोमती नदी में पहुंचा था। इसके चलते लखनऊ और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी।
फिलहाल प्रभावित इलाकों में राहत और जलनिकासी के प्रयास जारी हैं। नाले में लापता युवक की तलाश के साथ-साथ प्रशासन के सामने बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, नावों की उपलब्धता बढ़ाने और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की चुनौती बनी हुई है।












