लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इटौंजा में छह दोस्त बह गए, जिनमें एक की मौत हो गई। कई इलाकों और मंदिरों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित है।
लखनऊ: गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से शहर में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों में घरों में कई फीट तक पानी भर गया है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं। इटौंजा में तेज बहाव में छह दोस्त बह गए, जिनमें एक की मौत हो गई। वहीं कई प्रमुख मंदिर भी जलभराव की चपेट में आ गए हैं।
गोमती का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में हालात गंभीर
लखनऊ में बाढ़ का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। गोमती नदी का जलस्तर नौवें दिन भी बढ़ने की जानकारी सामने आई है। फैजुल्लागंज क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में घरों में पानी भर गया है।

कई जगहों पर घरों में 5 से 6 फीट तक पानी पहुंचने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है। बाढ़ के कारण हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं और कई लोगों ने मजबूरी में अपने घरों पर ताला लगाकर सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख किया है।
हालांकि, कुछ लोग घर छोड़ने से भी डर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाढ़ के दौरान खाली घरों में चोरी की आशंका बनी हुई है। इसी वजह से पानी भरने के बावजूद कुछ परिवार अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं।
तेज बहाव में 6 दोस्त बहे, एक की मौत
इटौंजा में बाढ़ के तेज बहाव के बीच छह दोस्तों के बह जाने की घटना सामने आई है। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। घरों में फंसे लोगों को नावों की मदद से बाहर निकाला जा रहा है। राहत टीम लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी है।
बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ कई इलाकों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार सांप और दूसरे जीव घरों में घुस रहे हैं, जिससे प्रभावित परिवारों में डर का माहौल है।
मंदिरों में भी घुसा पानी, लेटे हनुमान मंदिर का गर्भगृह बंद
बाढ़ का असर लखनऊ के कई धार्मिक स्थलों पर भी पड़ा है। खाटू श्याम मंदिर और हनुमंत धाम के साथ चंद्रिका देवी मंदिर परिसर भी जलभराव से प्रभावित हुआ है।
लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह में करीब 13 फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। पानी बढ़ने के कारण मंदिर का गर्भगृह बंद करना पड़ा है। बताया जा रहा है कि करीब 20 साल बाद ऐसी स्थिति बनी है, जब गर्भगृह में पानी भरने के कारण इसे बंद करना पड़ा।
चंद्रिका देवी मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते पर भी पानी भर गया है। जलभराव के कारण मंदिर परिसर के आसपास की दुकानें बंद हैं और पानी कम होने तक मंदिर को बंद रखने का फैसला किया गया है।
बाढ़ प्रभावित लोग सोशल मीडिया के जरिए अपने हालात के वीडियो साझा कर प्रशासन से मदद की अपील कर रहे हैं। प्रशासन और राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी सहायता पहुंचाने में जुटे हैं।












