लखनऊ के एक फाइव-स्टार होटल में 22 वर्षीय युवा वैज्ञानिक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही होटल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल मौत के कारणों की जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार, युवा वैज्ञानिक घटना से एक दिन पहले ही लखनऊ पहुंचे थे और शहर के एक फाइव-स्टार होटल में ठहरे हुए थे। निर्धारित समय तक कमरे से बाहर नहीं आने पर होटल स्टाफ को संदेह हुआ। कई बार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला तो मास्टर-की से कमरा खोला गया। अंदर उनका शव मिलने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर होटल के कमरे की गहन जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। कमरे से मिले सामान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और अन्य वस्तुओं की जांच की जा रही है। साथ ही होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कमरे में उनके आने-जाने वालों की क्या गतिविधियां थीं।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन लखनऊ पहुंचे। बताया जा रहा है कि बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां सदमे में बेहोश हो गईं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि मौत की परिस्थितियों का पूरी तरह खुलासा होना चाहिए।
युवा वैज्ञानिक अपनी कम उम्र में ही बैटरी से चलने वाला ट्रैक्टर विकसित करने के कारण चर्चा में आए थे। उनके इस नवाचार की कई मंचों पर सराहना हुई थी। कृषि क्षेत्र में कम लागत और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक विकसित करने की दिशा में उनके प्रयासों को काफी सकारात्मक माना गया था। स्थानीय स्तर पर भी उन्हें एक उभरते हुए नवोन्मेषी युवा के रूप में जाना जाता था।











