मधु गौड़ यास्खी बने ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस के अध्यक्ष, जानें उनका राजनीतिक सफर

कांग्रेस ने तेलंगाना के वरिष्ठ नेता मधु गौड़ यास्खी को ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया। जानें उनका राजनीतिक सफर और चुनावी इतिहास।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तेलंगाना के वरिष्ठ नेता मधु गौड़ यास्खी को ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यास्खी निजामाबाद से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और कांग्रेस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

हैदराबाद: कांग्रेस ने तेलंगाना के वरिष्ठ नेता और पूर्व लोकसभा सांसद मधु गौड़ यास्खी को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने उन्हें ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस (AIPC) का अध्यक्ष नियुक्त किया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में नियुक्ति की जानकारी दी। बयान के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने यास्खी को इस पद पर नियुक्त किया है।

कांग्रेस ने यास्खी को सौंपी नई जिम्मेदारी

के.सी. वेणुगोपाल के बयान के मुताबिक, मधु गौड़ यास्खी अब ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस की जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी ने इस अवसर पर संगठन के निवर्तमान अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती के योगदान की भी सराहना की।

ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस कांग्रेस का वह संगठन है, जो पेशेवर वर्गों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों के साथ संवाद तथा भागीदारी को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यास्खी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस संगठन विभिन्न सामाजिक और पेशेवर समूहों के साथ अपनी भागीदारी को मजबूत करने पर जोर दे रही है।

तेलंगाना की राजनीति में लंबा अनुभव

मधु गौड़ यास्खी तेलंगाना में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उन्हें पार्टी संगठन और राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ लंबे समय से जुड़े अनुभव के लिए जाना जाता है। वह कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ अपने करीबी संबंधों के लिए भी पहचाने जाते हैं।

यास्खी उच्च शिक्षित नेता हैं और कांग्रेस में पिछड़ा वर्ग समुदाय से आने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। उनका राजनीतिक व्यक्तित्व अपेक्षाकृत सौम्य और संवादपरक माना जाता है। अलग तेलंगाना राज्य के गठन के आंदोलन के वह मजबूत समर्थकों में रहे हैं।

उनका राजनीतिक सफर चुनावी राजनीति में भी महत्वपूर्ण रहा है। वर्ष 2004 में उन्होंने पहली बार निजामाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस चुनाव में उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सैयद यूसुफ अली को 1.37 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया।

2009 में फिर जीते लोकसभा चुनाव

मधु गौड़ यास्खी ने वर्ष 2009 में भी निजामाबाद लोकसभा सीट से जीत हासिल की। उन्होंने उस चुनाव में तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के बीगाला गणेश गुप्ता को 60,000 से अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया।

लगातार दो लोकसभा चुनावों में जीत के बाद यास्खी कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले नेताओं में शामिल हो गए। उन्होंने कांग्रेस संसदीय दल में उप मुख्य सचेतक (Deputy Chief Whip) के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।

2014 में के. कविता से मिली हार

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में यास्खी को निजामाबाद सीट पर हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता के खिलाफ चुनाव लड़ा था। कविता ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के टिकट पर चुनाव जीतकर यास्खी को पराजित किया।

इसके बाद यास्खी ने वर्ष 2019 में एक बार फिर लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई। हालांकि, इस चुनाव में वह तीसरे स्थान पर रहे।

निजामाबाद सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के धर्मपुरी अरविंद ने जीत हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और TRS उम्मीदवार के. कविता को हराया था। इस चुनाव में यास्खी तीसरे स्थान पर रहे।

2023 में मिली तेलंगाना कांग्रेस अभियान की जिम्मेदारी

वर्ष 2023 में कांग्रेस ने यास्खी को एक और महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी दी। उन्हें तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की कैंपेन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया।

इसी वर्ष हुए तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें एलबी नगर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। यह सीट हैदराबाद के महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है। हालांकि, यास्खी इस चुनाव में जीत दर्ज नहीं कर सके और BRS तथा BJP उम्मीदवारों के बाद तीसरे स्थान पर रहे।

इसके बावजूद पार्टी संगठन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी रही। चुनावी राजनीति में लंबे अनुभव और कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनके संबंधों को देखते हुए उन्हें पार्टी के महत्वपूर्ण नेताओं में माना जाता रहा है।

2024 में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की चर्चा

वर्ष 2024 में यास्खी का नाम तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में भी सामने आया था। उस समय तत्कालीन TPCC अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी तेलंगाना के मुख्यमंत्री बन चुके थे और प्रदेश कांग्रेस संगठन में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा थी।

यास्खी को इस पद के प्रमुख दावेदारों में माना गया था। हालांकि, कांग्रेस ने अंततः महेश कुमार गौड़ को TPCC अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी।

राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी यास्खी की भूमिका

ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के साथ यास्खी की भूमिका अब राष्ट्रीय स्तर पर और महत्वपूर्ण हो गई है। नई जिम्मेदारी उन्हें देशभर के पेशेवर वर्गों के साथ कांग्रेस के संवाद और संगठनात्मक संपर्क को मजबूत करने का अवसर देगी।

कांग्रेस के लिए यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पेशेवर वर्गों में पार्टी की पहुंच बढ़ाना उसके व्यापक संगठनात्मक प्रयासों का हिस्सा रहा है। यास्खी के राजनीतिक अनुभव, संसद में उनकी पूर्व भूमिका और तेलंगाना कांग्रेस में लंबे संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त माना गया है।

संगठन के लिए नई चुनौती

यास्खी के सामने अब ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस को अधिक प्रभावी बनाने की चुनौती होगी। राष्ट्रीय स्तर पर पेशेवरों, विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को कांग्रेस के साथ जोड़ना उनके कार्यकाल की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।

उनकी नियुक्ति तेलंगाना की राजनीति से आगे बढ़कर राष्ट्रीय कांग्रेस संगठन में उनकी भूमिका का विस्तार भी है। दो बार लोकसभा सांसद रह चुके यास्खी के पास चुनावी राजनीति के साथ-साथ संसदीय और संगठनात्मक कार्यों का अनुभव है।

कांग्रेस नेतृत्व ने निवर्तमान अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती के योगदान की सराहना करते हुए अब यास्खी को संगठन की कमान सौंपी है। ऐसे में आने वाले समय में उनकी नई भूमिका पार्टी के पेशेवर नेटवर्क और संगठनात्मक गतिविधियों के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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