मैड्रिड में पोप लियो XIV की ऐतिहासिक ओपन-एयर मास, 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे

स्पेन की राजधानी मैड्रिड में पोप लियो XIV की ओपन-एयर मास में लाखों लोग शामिल हुए। पोप ने लोगों से गरीबों की मदद और शांति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया

स्पेन की राजधानी मैड्रिड में पोप लियो XIV की ओपन-एयर मास में लाखों लोग शामिल हुए। पोप ने लोगों से गरीबों की मदद और शांति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया और मानवता को मजबूत करने पर जोर दिया।

मेड्रिड: स्पेन की राजधानी मैड्रिड में रविवार को एक ऐतिहासिक और विशाल धार्मिक आयोजन देखने को मिला, जब पोप लियो XIV ने शहर के केंद्र में खुले आसमान के नीचे मास (प्रार्थना सभा) का नेतृत्व किया। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में 10 लाख से अधिक लोग शामिल हुए, जिससे यह हाल के वर्षों के सबसे बड़े सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों में से एक बन गया।

पोपमोबाइल से शहर में निकले पोप, लोगों ने किया भव्य स्वागत

पोप लियो XIV अपने दूसरे आधिकारिक स्पेन दौरे के दौरान पोपमोबाइल में सवार होकर मैड्रिड की सड़कों से गुजरे। इस दौरान हजारों श्रद्धालु सड़कों पर मौजूद रहे और उन्होंने “पोप लंबे समय तक जीवित रहें” जैसे नारे लगाए। कई लोगों ने उनके स्वागत में फूलों की पंखुड़ियां भी बरसाईं, जिससे पूरा माहौल धार्मिक उत्साह और श्रद्धा से भर गया।

प्लाजा डे सिबेल्स में हुआ मुख्य धार्मिक समारोह

मैड्रिड के प्रसिद्ध प्लाजा डे सिबेल्स में मुख्य ओपन-एयर मास आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही एकत्र हो गए थे। इस कार्यक्रम में स्पेन के राजा फेलिप VI और रानी लेटिजिया भी उपस्थित रहीं। आयोजन स्थल को वेटिकन ध्वज के रंगों—सफेद और पीले फूलों और बैनरों से सजाया गया था।

पोप का संदेश: गरीबों और वंचितों की सेवा ही सच्ची आस्था

अपने प्रवचन में पोप लियो XIV ने लोगों से अपील की कि वे अपनी आस्था को केवल धार्मिक परंपरा के रूप में न देखें, बल्कि उसे मानव सेवा के माध्यम के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि ईश्वर गरीबों, वंचितों और अकेले लोगों में बसता है, इसलिए समाज को उनके प्रति अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि धर्म को “अतीत का संग्रहालय” नहीं बल्कि “विश्वास का जीवंत विद्यालय” माना जाना चाहिए, जिससे आज की दुनिया में भी सीख ली जा सके।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, हजारों पुलिसकर्मी तैनात

इस विशाल आयोजन को देखते हुए मैड्रिड प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। पूरे शहर में पुलिस बल तैनात किया गया और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए। कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

मैड्रिड में पोप लियो XIV की ऐतिहासिक ओपन-एयर मास, 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे

शनिवार को 5 लाख युवाओं ने भी लिया था हिस्सा

पोप लियो XIV के स्पेन दौरे की शुरुआत शनिवार से हुई थी, जब लगभग 5 लाख लोगों, जिनमें बड़ी संख्या में युवा शामिल थे, ने एक प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। यह आयोजन रियल मैड्रिड के सैंटियागो बर्नब्यू स्टेडियम के पास हुआ, जो देर रात तक चलता रहा।

इस दौरान पोप ने युवाओं से कहा कि वे हिंसा, उदासीनता और युद्ध के बीच “नई मानवता की चिंगारी” बनें।

स्पेन के राजनीतिक हालात और अंतरराष्ट्रीय संदेश

अपने दौरे के दौरान पोप ने स्पेन सरकार की शांति नीति और प्रवासियों के समर्थन की सराहना की। उन्होंने वैश्विक संघर्षों के बीच शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर दिया।

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक राजनीति में तनाव और युद्ध जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ के विदेश नीति रुख और अमेरिका-इज़राइल से जुड़े मुद्दों पर भी देश में राजनीतिक बहस जारी है।

आम लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया

मैड्रिड में मौजूद श्रद्धालुओं ने पोप के संदेश और उपस्थिति को बेहद प्रेरणादायक बताया। कई लोगों ने कहा कि यह आयोजन उनके लिए आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण अनुभव था। भीड़ में शामिल नागरिकों ने इसे “शांति और एकता का संदेश” करार दिया।

स्पेन दौरे का ऐतिहासिक महत्व

पोप लियो XIV का यह दौरा पिछले 15 वर्षों में किसी पोप की स्पेन की पहली आधिकारिक यात्रा है। यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दौरे के दौरान पोप का स्पेनिश संसद को संबोधित करने का भी कार्यक्रम है, जो पहली बार किसी पोप द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा वे कैनरी आइलैंड्स का दौरा करेंगे, जहां वे प्रवासन संकट में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देंगे।

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