एक मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा होल्डर ने ₹21,000 महीने की नौकरी छोड़कर फाइनेंशियल सलाहकार बनकर करोड़ों की कमाई हासिल की। चार्टर्ड अकाउंटेंट से मुलाकात ने करियर का टर्निंग पॉइंट दिया। आज वह प्रोजेक्ट फंडिंग, इक्विटी फंडिंग और हाई-टिकट B2B लोन जैसे बड़े सौदे क्लोज कर रहे हैं।
Career Transformation Story: एक मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा होल्डर ने ₹21,000 महीने की नौकरी छोड़कर फाइनेंशियल सलाहकार बनना चुना और आज सालाना ₹1–2 करोड़ की कमाई कर रहे हैं। शुरुआत में उन्होंने एक फाइनेंशियल फर्म में डॉक्यूमेंट एग्जीक्यूटिव के रूप में काम किया। करियर का बड़ा मोड़ तब आया जब उनकी मुलाकात एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से हुई, जिन्होंने उन्हें स्वतंत्र फंडिंग केस संभालने का मौका दिया। अब वह प्रोजेक्ट फंडिंग, M&A इन्वेस्टमेंट और हाई-टिकट B2B लोन जैसे जटिल वित्तीय सौदे क्लोज करते हैं और सोशल मीडिया पर उनकी कहानी वायरल हो चुकी है।
शुरुआती संघर्ष और नौकरी
डिप्लोमा होल्डर ने अपनी पहली नौकरी को याद करते हुए बताया कि कोविड-19 के बाद जॉब मार्केट ठप था। मजबूरी में वह फाइनेंशियल फर्म में “डॉक्यूमेंट एग्जीक्यूटिव” बने। साढ़े चार वर्षों में उनकी सैलरी सिर्फ ₹18,000 से ₹21,000 तक ही बढ़ी।
उन्होंने साझा किया कि मेहनत के बावजूद आर्थिक स्थिति कभी संतोषजनक नहीं थी। छोटे-छोटे खर्चों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था, जिससे उन्हें अपने करियर विकल्पों पर गंभीरता से सोचने का मौका मिला।

करियर का टर्निंग पॉइंट
उनकी जिंदगी का बड़ा बदलाव तब आया जब उन्होंने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से मुलाकात की। इस CA ने उन्हें स्वतंत्र रूप से फंडिंग केस लाने का ऑफर दिया, जिसमें कमाई 50-50 शेयर होती थी। उन्होंने यह अवसर स्वीकार किया और फाइनेंशियल कंसल्टिंग में कदम रखा।
आज वह फुल-टाइम फाइनेंशियल कंसल्टेंट हैं और प्रोजेक्ट फंडिंग, इक्विटी फंडिंग, M&A इन्वेस्टमेंट और हाई-टिकट B2B लोन जैसी जटिल डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स संभालते हैं। इसके अलावा कमर्शियल रियल एस्टेट में भी उन्होंने कदम रखा है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। यूजर्स ने मेहनत और जज्बे की तारीफ की और इसे प्रेरणादायक बताया। कई लोगों ने लिखा कि एक छोटा कदम जीवन को बदल सकता है और उन्होंने भी अपनी किस्मत आजमाने की इच्छा जताई
यह कहानी दिखाती है कि सही अवसर और साहसिक फैसला किसी भी करियर को बदल सकता है। मेहनत, सही नेटवर्क और धैर्य से व्यक्ति आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकता है। यह अनुभव उन लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े मुकाम हासिल करना चाहते हैं।













