'मैं जिसके साथ, वही सत्ता में', आठवले ने मोदी को लेकर की भविष्यवाणी

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2034 तक देश की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनता मोदी के नेतृत्व पर भरोसा करती है

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2034 तक देश की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनता मोदी के नेतृत्व पर भरोसा करती है और एनडीए आगामी लोकसभा चुनावों में भी बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगा।

नई दिल्ली: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष Ramdas Athawale ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता का विश्वास अभी भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) आगामी लोकसभा चुनावों में भी मजबूत प्रदर्शन करेगा।

मोदी सरकार के केंद्र में 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आठवले ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि NDA वर्ष 2029 और 2034 के आम चुनावों में भी बहुमत हासिल करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लंबे समय तक देश की सेवा करते रहेंगे।

“25 साल से अधिक समय तक देश की सेवा करेंगे मोदी”

संवाददाताओं से बातचीत के दौरान रामदास आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर अभी समाप्त होने वाला नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी 25 वर्षों से अधिक समय तक देश की सेवा करेंगे।

हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी गणना में मोदी सरकार के बीते 12 वर्ष भी शामिल हैं। उनके अनुसार, यदि जनता का समर्थन इसी तरह बना रहता है तो आने वाले दो आम चुनावों में भी NDA को सफलता मिल सकती है। आठवले ने कहा कि देश के एक बड़े वर्ग का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास और स्थिरता की राजनीति को आगे बढ़ाया जा सकता है। यही कारण है कि लोग उन्हें फिर से सत्ता में देखने की इच्छा रखते हैं।

अपने अंदाज में किया राजनीतिक दावा

रामदास आठवले अपने अनोखे और हास्यपूर्ण राजनीतिक बयानों के लिए जाने जाते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी उन्होंने इसी अंदाज में एक टिप्पणी की, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

उन्होंने कहा, “मैं जिसका साथ देता हूं, वही सत्ता में आता है। इसलिए मैं हमेशा सरकार का हिस्सा बन जाता हूं और विपक्ष बाहर ही रह जाता है।”

उनकी यह टिप्पणी हल्के-फुल्के अंदाज में कही गई थी, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे NDA के प्रति उनके मजबूत समर्थन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

लोकतंत्र में जनता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

अपने संबोधन में आठवले ने भारतीय लोकतंत्र की ताकत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता के पास होती है और चुनावी परिणाम हमेशा मतदाताओं की इच्छा को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का लोकतांत्रिक ढांचा “एक व्यक्ति, एक वोट और एक मूल्य” के सिद्धांत पर आधारित है। यही सिद्धांत देश को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में मजबूत बनाता है।

आठवले के अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल की सफलता का अंतिम निर्णय जनता करती है और वही तय करती है कि किसे शासन की जिम्मेदारी सौंपी जाए।

राहुल गांधी पर साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi पर भी तंज कसा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि राहुल गांधी सरकार की आलोचना करने में विशेषज्ञ बन चुके हैं। आठवले का कहना था कि विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठाता है, लेकिन जनता का विश्वास अभी भी NDA के साथ दिखाई देता है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि अगले चुनावों के बाद भी विपक्ष की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि NDA अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री से हालिया मुलाकात का किया उल्लेख

रामदास आठवले ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट की।

आठवले के अनुसार, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में दुनिया को शांति, संवाद और सह-अस्तित्व के संदेश की आवश्यकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएं आज भी मानवता को सही दिशा दिखा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते संघर्षों और तनाव के बीच शांति का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में शांति का संदेश

केंद्रीय मंत्री ने अपने वक्तव्य में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध, संघर्ष और अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है। ऐसे समय में भारत को शांति, सहिष्णुता और संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का दर्शन केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आठवले का यह संदेश भारत की उस विदेश नीति से भी जुड़ा है जिसमें संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दी जाती है।

सरकार पर भेदभाव के आरोपों को किया खारिज

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आठवले ने केंद्र सरकार पर लगने वाले भेदभाव के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि NDA सरकार सभी समुदायों के विकास के लिए समान रूप से काम कर रही है।

उनके अनुसार सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास और कल्याण की नीतियां किसी धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर नहीं बल्कि सभी नागरिकों के हित को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। आठवले ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समावेशी विकास सुनिश्चित करना है ताकि देश के हर वर्ग को प्रगति के अवसर मिल सकें।

NDA की राजनीतिक रणनीति और भविष्य

राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, रामदास आठवले का बयान NDA के भविष्य को लेकर गठबंधन के आत्मविश्वास को दर्शाता है। 2024 के बाद भारतीय राजनीति में गठबंधन की राजनीति और क्षेत्रीय दलों की भूमिका को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

ऐसे में NDA के सहयोगी दलों के नेताओं द्वारा लगातार सकारात्मक बयान देना गठबंधन की एकजुटता का संकेत माना जा रहा है। हालांकि चुनावी राजनीति में अंतिम फैसला मतदाता ही करते हैं, लेकिन आठवले का यह बयान आगामी चुनावी विमर्श का हिस्सा बन सकता है।

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