मैनपुरी के गोधना में 1.50 करोड़ से बनेगा किसान कल्याण केंद्र, एक ही जगह मिलेंगी कृषि सुविधाएं

मैनपुरी के गोधना गांव में 1.50 करोड़ रुपये से किसान कल्याण केंद्र बनेगा। किसानों को उन्नत बीज, कृषि यंत्रों पर अनुदान और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी।

मैनपुरी के घिरोर क्षेत्र के गोधना गांव में 1.50 करोड़ रुपये की लागत से किसान कल्याण केंद्र बनाया जाएगा। इससे किसानों को उन्नत बीज, कृषि यंत्रों पर अनुदान और सरकारी योजनाओं की जानकारी स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी।

उत्तर प्रदेश: किसानों को कृषि संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए घिरोर क्षेत्र के गोधना गांव में 1.50 करोड़ रुपये की लागत से किसान कल्याण केंद्र स्थापित किया जाएगा। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिल चुकी है। अब बजट आवंटन का इंतजार है। केंद्र बनने के बाद गोधना और आसपास के गांवों के किसानों को बीज, कृषि यंत्रों पर अनुदान और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सहायता एक ही जगह मिल सकेगी।

गोधना में 1.50 करोड़ रुपये से बनेगा किसान कल्याण केंद्र

मैनपुरी जिले के घिरोर क्षेत्र में रहने वाले किसानों के लिए कृषि सुविधाओं को आसान बनाने की तैयारी है। गोधना गांव में करीब 1.50 करोड़ रुपये की लागत से किसान कल्याण केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र के माध्यम से किसानों को कृषि से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं और सरकारी योजनाओं की जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे किसानों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है।

मैनपुरी के गोधना में 1.50 करोड़ से बनेगा किसान कल्याण केंद्र, एक ही जगह मिलेंगी कृषि सुविधाएं

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत किसान कल्याण केंद्र का प्रस्ताव 14 अप्रैल 2026 को ग्राम गोधना सचिवालय में रखा गया था। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जहां से इसे मंजूरी मिल गई। अब कृषि विभाग निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए बजट आवंटन का इंतजार कर रहा है। बजट मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

केंद्र के निर्माण के लिए गोधना गांव में 0.0625 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। यह जमीन करहल-घिरोर रोड पर स्थित है और राजस्व अभिलेखों में ऊसर के रूप में दर्ज है। संबंधित लेखपाल की ओर से भूमि के संबंध में आख्या भी शासन को भेजी जा चुकी है।

बीज और कृषि यंत्रों पर अनुदान की मिलेगी जानकारी

किसान कल्याण केंद्र का प्रमुख उद्देश्य किसानों को कृषि संबंधी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। यहां किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

अभी किसानों को कई योजनाओं का लाभ लेने, जानकारी जुटाने और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाना पड़ सकता है। केंद्र बनने के बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर मार्गदर्शन और सहायता मिलने की उम्मीद है। इससे समय और आने-जाने के खर्च में भी बचत हो सकती है।

केंद्र पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत अन्य अनुदान योजनाओं के लिए पंजीकरण और सहायता डेस्क की सुविधा प्रस्तावित है। किसानों को कृषि उपकरणों पर मिलने वाली सब्सिडी से संबंधित जानकारी देने के साथ उपकरणों का प्रदर्शन भी दिखाया जाएगा। इससे उन्हें अपनी जरूरत और खेती के हिसाब से उपयुक्त तकनीक समझने में मदद मिल सकती है।

आधुनिक कृषि तकनीक से बढ़ेगी किसानों की मदद

जिला कृषि अधिकारी अविशांक सिंह चौहान के अनुसार, किसान कल्याण केंद्र स्थापित करने का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है। उन्नत बीजों और बेहतर कृषि उपकरणों की जानकारी मिलने से किसानों को खेती के तरीकों में सुधार करने का अवसर मिल सकता है।

आधुनिक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल उत्पादन बढ़ाने और खेती की लागत को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसका लाभ फसलों, स्थानीय परिस्थितियों और तकनीकों के सही इस्तेमाल पर निर्भर करेगा। केंद्र के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों और सरकारी सहायता योजनाओं के बारे में जानकारी देने की व्यवस्था की जाएगी।

गोधना में केंद्र बनने से आसपास के गांवों के किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। उन्हें कृषि संबंधी जानकारी और योजनाओं के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है। फिलहाल परियोजना के लिए शासन की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले बजट आवंटन होना बाकी है। बजट मिलने के बाद केंद्र के निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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