बिहार की लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2025

बिहार की लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को भोजपुरी लोक संगीत में योगदान के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2025 मिला।

बिहार की लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को भोजपुरी लोक संगीत और पारंपरिक गायन में योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी के उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया है। वह इस पुरस्कार को पाने वाली बिहार की अकेली कलाकार हैं।

बिहार:लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को भारतीय लोक संगीत में उल्लेखनीय योगदान के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2025 प्रदान किया गया है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संगीत नाटक अकादमी की ओर से दिया गया यह सम्मान भोजपुरी लोकगीतों और पारंपरिक गायन शैलियों को संरक्षित करने में उनके प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान देता है। मनीषा के अनुसार, इस वर्ष देश के 106 युवा लोक कलाकारों को यह पुरस्कार मिला है और वह बिहार से अकेली हैं।

भोजपुरी लोकगीतों के संरक्षण में योगदान को मिला सम्मान

बिहार की लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को लोक संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया है। संगीत नाटक अकादमी की ओर से दिया गया यह पुरस्कार भारतीय लोक संगीत की परंपराओं को सहेजने और आगे बढ़ाने में उनके काम को मिली राष्ट्रीय पहचान है।

बिहार की लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2025

मनीषा लंबे समय से भोजपुरी लोकगीतों और पारंपरिक गायन शैलियों के संरक्षण तथा प्रचार-प्रसार के लिए काम कर रही हैं। उनके गायन में सोहर, विवाह गीत, कजरी, चैता और निर्गुण जैसी लोक विधाएं शामिल हैं। वह महिलाओं से जुड़ी लोक परंपराओं को भी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से सामने लाती हैं।

लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास

मनीषा श्रीवास्तव लोकगीतों के जरिए क्षेत्रीय संस्कृति, लोकजीवन और सामाजिक अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। उनके काम में पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति के साथ उनकी सांस्कृतिक अहमियत को बनाए रखने पर भी जोर है।

यह सम्मान उनके व्यक्तिगत योगदान के साथ बिहार की लोक-संगीत परंपरा को भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाता है। मनीषा ने पुरस्कार मिलने पर खुशी जताते हुए इसे बिहार की सांस्कृतिक विरासत, भोजपुरी लोकगीतों और भारत की विविध लोकभाषाओं तथा लोक परंपराओं को समर्पित बताया।

उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय लोक संगीत से जुड़े कलाकारों, अपने परिवार, गुरुजनों और शुभचिंतकों के स्नेह एवं आशीर्वाद को दिया।

बिहार से अकेली कलाकार, 106 युवा लोक कलाकारों को मिला पुरस्कार

मनीषा श्रीवास्तव के अनुसार, इस वर्ष देश के अलग-अलग क्षेत्रों के 106 युवा लोक कलाकारों को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार प्रदान किया गया है। इन कलाकारों में वह बिहार से अकेली हैं।

पूर्व प्राचार्य और साहित्यकार प्रो. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने मनीषा की उपलब्धि को जिले और राज्य के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि रोहतास जिले के करगहर क्षेत्र से आने वाली मनीषा की सफलता बिहार की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करती है। उनकी उपलब्धि लोक संगीत की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।

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