बॉलीवुड में लगभग 35 साल पहले कदम रखने वाली एक्ट्रेस Madhoo ने अपने करियर के शुरुआती दौर को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। Ajay Devgn के साथ डेब्यू करने वाली मधू ने माना कि पहली फिल्म की सफलता के बाद उनके व्यवहार और सोच में बदलाव आ गया था।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री मधू (Madhoo) ने अपने करियर के शुरुआती दौर को लेकर एक बड़ा और ईमानदार खुलासा किया है। 1991 की सुपरहिट फिल्म ‘फूल और कांटे’ से डेब्यू करने वाली मधू ने स्वीकार किया है कि फिल्म की जबरदस्त सफलता के बाद वह खुद को लेकर काफी बदल गई थीं और उस समय वे “अहंकारी” (arrogant) हो गई थीं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने शुरुआती स्टारडम, मानसिकता और अनुभवों पर खुलकर बात की।
‘मैं बहुत एरोगेंट हो गई थी’ – मधू
मधू ने स्वीकार किया कि जब उनकी पहली ही फिल्म हिट हुई, तो उस सफलता ने उनके सोचने का तरीका बदल दिया। उन्होंने कहा कि कम उम्र में मिली अचानक सफलता के कारण उन्हें लगा कि यह पूरी तरह उनकी अपनी मेहनत का नतीजा है। इस सोच ने उनके व्यक्तित्व पर असर डाला। मधू के अनुसार,
“मैं बहुत एरोगेंट हो गई थी। 20 साल की उम्र में जब किसी को बड़ी सफलता मिलती है, तो उसे लगता है कि यह सिर्फ उसकी वजह से हुआ है।”
उन्होंने यह भी कहा कि उस समय उन्हें ऐसा लगता था कि उन्होंने सब कुछ खुद हासिल किया है और किसी की मदद की जरूरत नहीं पड़ी।
‘फूल और कांटे’ से मिली स्टारडम की उड़ान

अभिनेत्री मधू ने बॉलीवुड में कदम रखा था फिल्म ‘फूल और कांटे’ (1991) से, जिसमें उनके साथ अजय देवगन ने भी डेब्यू किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और दोनों कलाकार रातों-रात स्टार बन गए। इस फिल्म ने मधू को इंडस्ट्री में पहचान दिलाई और उनके करियर को नई दिशा दी। ‘फूल और कांटे’ के बाद मधू को निर्देशक मणिरत्नम की फिल्म ‘रोजा’ (1992) से व्यापक पहचान मिली।
यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण फिल्म मानी जाती है, जिसने मधू को एक गंभीर और प्रतिभाशाली अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।
मधू ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि समय के साथ उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। उम्र और अनुभव ने उन्हें अधिक विनम्र बनाया।उन्होंने कहा कि अब उन्हें समझ आता है कि सफलता केवल व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम नहीं होती, बल्कि इसमें कई लोगों का योगदान और परिस्थितियों की भूमिका भी होती है।
उनके अनुसार, “अब मुझे लगता है कि भगवान मुझे देख रहे थे और मेरी यात्रा में कई चीजें शामिल थीं। अब मैं ज्यादा हंबल (विनम्र) हो गई हूं।”
‘एरोगेंस’ ने भी दी सुरक्षा
दिलचस्प बात यह है कि मधू ने यह भी स्वीकार किया कि उनके शुरुआती एरोगेंट स्वभाव ने उन्हें कुछ नकारात्मक प्रभावों से बचाया भी। उन्होंने कहा कि उस समय उनका व्यवहार लोगों को दूर रखता था, जिससे वे गलत प्रभाव या गलत लोगों से बच पाईं। मधू का जन्म 26 मार्च 1969 को चेन्नई में हुआ था। उन्होंने साल 1999 में आनंद शाह से शादी की और इसके बाद कुछ समय के लिए फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली।










