भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी एक बार फिर कानूनी विवाद में आए हैं। मद्रास हाई कोर्ट ने धोनी को 2013 के स्पॉट फिक्सिंग मामले से जुड़े मानहानि केस में 10 लाख रुपए जमा करने का आदेश दिया है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी को मद्रास हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि उन्हें कोर्ट में 10 लाख रुपए जमा करने होंगे। यह आदेश 2013 में हुए स्पॉट फिक्सिंग मामले से जुड़ा है। हालांकि धोनी सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा से अक्सर दूर रहते हैं, लेकिन इस मामले ने उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
यह मामला उस समय का है जब धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान थे और उनके नाम को फिक्सिंग विवाद में शामिल किया गया था। अदालत के इस फरमान से यह मामला फिर से ध्यान में आया है, हालांकि धोनी पर अब तक किसी तरह का दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
मामला क्या है?
मामला 2013 का है, जब धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान थे। उस समय कुछ आईपीएल मैचों में फिक्सिंग के आरोप लगाए गए थे और धोनी का नाम भी विवाद में आया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए धोनी ने आईपीएस अधिकारी संपत कुमार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया। उन्होंने दावा किया कि संपत कुमार ने टीवी शो और मीडिया के माध्यम से उन पर फिक्सिंग में शामिल होने का आरोप लगाया था।
धोनी ने इस मामले में 100 करोड़ रुपये का मानहानि दावा भी किया था। मामले की सुनवाई 2014 से चल रही है और अब मद्रास हाई कोर्ट ने सबूतों के ट्रांसलेशन और टाइपिंग के खर्च के लिए 10 लाख रुपए जमा करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने क्यों दिया आदेश?
धोनी ने मानहानि केस में टीवी शो की सीडी और अन्य न्यूज क्लिपिंग्स सबूत के तौर पर कोर्ट को सौंपे थे। लेकिन यह सबूत हिंदी में हैं, जबकि कोर्ट में इनके अंग्रेजी या कानूनी रूपांतरण की आवश्यकता है। जस्टिस आर.एन. मंजुला ने कहा कि ट्रांसलेटर और टाइपिस्ट को इन दस्तावेजों को ट्रांसलेट और टाइप करने में लगभग 3-4 महीने का समय लगेगा। इस खर्च को धोनी द्वारा वहन करने के लिए 10 लाख रुपए जमा करने का आदेश दिया गया।
कोर्ट ने धोनी की लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट भी दी है। उनके बयान दर्ज करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
धोनी और IPL फिक्सिंग का विवाद
स्पॉट फिक्सिंग मामले में धोनी का नाम पहली बार 2013 में सामने आया था। हालांकि उस समय कोई ठोस सबूत नहीं था और धोनी ने खुद को निर्दोष बताया।संपत कुमार ने एक टीवी शो में धोनी पर आरोप लगाए थे, जिसके बाद धोनी ने मानहानि का मुकदमा दायर किया। अब लगभग 13 साल बाद यह मामला हाई कोर्ट में चल रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कोर्ट में सबूतों का ट्रांसलेशन और टाइपिंग प्रक्रिया लंबी और महंगी हो सकती है। इसीलिए हाई कोर्ट ने धोनी से 10 लाख रुपए जमा करने को कहा है।









