मेरठ में वेदव्यासपुरी से हापुड़ रोड तक 5.7 किलोमीटर लंबी इनर रिंग रोड बनाने की योजना तैयार हो गई है। मेडा दीपावली के बाद शताब्दीनगर-जुर्रानपुर हिस्से के लिए जमीन खरीदेगा, जबकि निर्माण में पीडब्ल्यूडी और आवास विकास परिषद की भूमिका होगी।
उत्तर प्रदेश: मेरठ में यातायात का दबाव कम करने के लिए प्रस्तावित इनर रिंग रोड परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी है। वेदव्यासपुरी से हापुड़ रोड तक बनने वाली 5.7 किलोमीटर लंबी सड़क को तीन हिस्सों में बांटा गया है। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) दीपावली के बाद शताब्दीनगर से जुर्रानपुर रेलवे लाइन के पास तक जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू करेगा। परियोजना में लोक निर्माण विभाग (PWD) और आवास विकास परिषद भी निर्माण कार्य संभालेंगे।
मेरठ में इनर रिंग रोड का खाका तैयार, तीन हिस्सों में होगा निर्माण
मेरठ में शहर के यातायात को सुचारु बनाने के लिए प्रस्तावित इनर रिंग रोड परियोजना की योजना तैयार कर ली गई है। करीब 5.7 किलोमीटर लंबी यह सड़क वेदव्यासपुरी से हापुड़ रोड तक बनाई जाएगी। परियोजना को तीन हिस्सों में बांटा गया है, ताकि भूमि खरीद और निर्माण की जिम्मेदारियां अलग-अलग विभागों को सौंपी जा सकें।
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) पहले और दूसरे हिस्से के लिए जमीन खरीदेगा, जबकि सड़क निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) को दी गई है। तीसरे हिस्से का निर्माण आवास विकास परिषद कराएगा। इस परियोजना से शहर के विभिन्न मार्गों के बीच संपर्क बेहतर होने और यातायात दबाव कम करने की उम्मीद है।
दीपावली के बाद शताब्दीनगर-जुर्रानपुर में जमीन खरीद शुरू होगी
मेडा सबसे पहले शताब्दीनगर से जुर्रानपुर रेलवे लाइन के पास तक 2.4 किलोमीटर लंबे हिस्से के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए प्राधिकरण ने अपने स्तर पर धनराशि की व्यवस्था कर ली है। दोनों हिस्सों के भूमि अधिग्रहण पर कुल 162 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
परियोजना के पहले हिस्से में वेदव्यासपुरी से दिल्ली रोड तक 1.2 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए भूमि खरीद पर 48 करोड़ रुपये और निर्माण पर 23 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। दूसरे हिस्से में शताब्दीनगर से जुर्रानपुर रेलवे लाइन के पास तक 2.4 किलोमीटर सड़क बनेगी। इस हिस्से के लिए जमीन खरीद पर 112 करोड़ रुपये और निर्माण पर 45 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
इस तरह पहले और दूसरे हिस्से पर कुल 228 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इनमें 162 करोड़ रुपये जमीन खरीद और 68 करोड़ रुपये सड़क निर्माण के लिए प्रस्तावित हैं।
रेलवे लाइन पर बनेगा ओवरब्रिज, तीसरे हिस्से की जिम्मेदारी आवास विकास परिषद को
इनर रिंग रोड के दूसरे हिस्से में पूठा के पास रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसका निर्माण सेतु निगम करेगा। वहीं तीसरा हिस्सा जुर्रानपुर गांव के पास रेलवे लाइन पर बने अर्धनिर्मित ओवरब्रिज से होते हुए हापुड़ रोड तक जाएगा। लगभग 2.11 किलोमीटर लंबे इस हिस्से के लिए जमीन खरीद और सड़क निर्माण की जिम्मेदारी आवास विकास परिषद को दी गई है।
यह हिस्सा परिषद की प्रस्तावित टाउनशिप से जुड़ा है। इसलिए जमीन खरीदने के साथ अधूरे ओवरब्रिज का बाकी निर्माण कार्य भी परिषद ही पूरा कराएगा। इससे सड़क के तीनों हिस्सों को जोड़ने में मदद मिलेगी।
शासन से 62 करोड़ रुपये का इंतजार खत्म
इनर रिंग रोड परियोजना में पहले जमीन खरीद के लिए 100 करोड़ रुपये मेडा और 62 करोड़ रुपये शासन से मिलने का प्रस्ताव था। शासन से धनराशि मिलने में देरी के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
मेडा के वर्तमान उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए जमीन खरीद के लिए जरूरी 162 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्राधिकरण के अपने कोष से करने का प्रस्ताव रखा। इस व्यवस्था को शासन की मंजूरी मिल गई है। अब शासन से मुख्य रूप से सड़क निर्माण के लिए PWD को धनराशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
मेडा उपाध्यक्ष के अनुसार, एलाइनमेंट पहले से तय है और किसानों से सहमति के लिए सर्वे भी किया जा चुका है। अब क्रय समिति की बैठक में जमीन की दरें तय होने के बाद खरीद प्रक्रिया शुरू होगी। इससे लंबे समय से अटकी इनर रिंग रोड परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।









