मेरठ में आजाद हिंद फौज के लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई का युवाओं को संदेश, बोले- देश की तरक्की में दें योगदान

मेरठ में लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई ने युवाओं से देश की तरक्की, महिला सम्मान और स्वच्छता में योगदान देने की अपील की।

मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में 21 अक्टूबर को आयोजित समारोह में आजाद हिंद फौज के लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई ने युवाओं से देश की आर्थिक मजबूती, महिला सम्मान और स्वच्छता में योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक विद्यार्थी और नागरिक शामिल हुए।

उत्तर प्रदेश: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई ने बुधवार को कैलाश प्रकाश स्टेडियम में आयोजित समारोह में युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने देश की आर्थिक मजबूती, महिलाओं के सम्मान और शहर को स्वच्छ रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम में हजारों विद्यार्थियों, पूर्व सैनिकों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।

युवाओं से देश की प्रगति और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील

मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में आयोजित अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस समारोह में आजाद हिंद फौज के लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई ने युवाओं को देश के विकास में योगदान देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत को प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को आर्थिक मजबूती, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय हितों पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने महिलाओं का सम्मान करने, उनकी सुरक्षा में सहयोग देने और अपने शहर को साफ रखने की भी अपील की। उनके अनुसार, देश की तरक्की केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की जिम्मेदारी और समाज के प्रति उनके व्यवहार से भी जुड़ी है।

स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों के साथ पूर्व सैनिक और शहरवासी शामिल हुए। समारोह में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज के सैनिकों के योगदान को याद किया गया।

‘कदम कदम बढ़ाए जा’ गीत से गूंजा स्टेडियम

समारोह के दौरान लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई ने आजाद हिंद फौज के प्रसिद्ध मार्चिंग गीत ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ का गायन किया। इस दौरान स्टेडियम में मौजूद विद्यार्थियों और अन्य लोगों ने भी उनका साथ दिया। ‘जय हिंद’ के उद्घोष से कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति का माहौल बना।

वक्ताओं ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज के सैनिकों ने देश की स्वतंत्रता के लिए बड़ा योगदान दिया था। उन्होंने युवा पीढ़ी से स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को जानने और उससे प्रेरणा लेने की अपील की।

कार्यक्रम में ‘हम हैं भारत के असली’ के नारे के जवाब में युवाओं ने ‘जेन अल्फा और जेन जी’ का उद्घोष किया। आयोजकों ने इसे नई पीढ़ी को देश के इतिहास और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों से जोड़ने की पहल बताया। पूर्व सैनिकों ने युवाओं से देश के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों से गुमराह न होने की अपील भी की।

21 अक्टूबर को स्वतंत्रता दिवस घोषित करने और जांच आयोग बनाने की मांग

समारोह में 21 अक्टूबर को भारत का वास्तविक स्वतंत्रता दिवस घोषित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आजाद भारत की अंतरिम सरकार की घोषणा की थी। आयोजकों ने इस तारीख को स्वतंत्रता संग्राम और आजाद हिंद फौज के संघर्ष की स्मृति से जोड़ते हुए विशेष महत्व देने की मांग की।

इसके अलावा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 18 अगस्त 1945 के बाद के जीवन और उनके अंतिम समय से जुड़े सवालों की जांच के लिए एक अंतिम जांच आयोग गठित करने का प्रस्ताव रखा गया। आयोजकों के अनुसार, इन प्रस्तावों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

कार्यक्रम में देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाली 45 झांकियों के साथ रैली भी निकाली गई। रैली स्टेडियम से शुरू होकर प्रशासनिक कार्यालयों के रास्ते वापस स्टेडियम पहुंची। इसमें विद्यार्थियों ने भाग लेकर स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रप्रेम और विकसित भारत की कल्पना को प्रस्तुत किया।

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