मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने शिलॉन्ग में स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि राज्य खेल ढांचे के साथ-साथ प्रतिभा पहचान, प्रशिक्षण और अवसरों पर काम कर रहा है, ताकि खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर सकें।
शिलांग: मेघालय में मंगलवार को आयोजित मेघालय स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव 2026 ने राज्य के खेल विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा है। इस आयोजन में राज्य के उभरते खिलाड़ियों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके कई प्रतिष्ठित खेल हस्तियों ने भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मेघालय में खेलों के लिए मजबूत आधार तैयार करना और आगामी राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों को गति देना रहा।
मेघालय के मुख्यमंत्री Conrad Sangma ने इस कॉन्क्लेव में खिलाड़ियों, कोचों और खेल विशेषज्ञों के साथ सीधा संवाद किया और राज्य में खेलों के भविष्य को लेकर अपनी दृष्टि साझा की। उन्होंने कहा कि मेघालय अब केवल खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाला राज्य नहीं, बल्कि खेलों का एक मजबूत केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय खेल 2027 की तैयारियों पर तेज़ फोकस
मेघालय वर्ष 2027 में होने वाले National Games 2027 की मेजबानी करने जा रहा है और इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य में खेल ढांचे और व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं होगा, बल्कि यह मेघालय की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का अवसर साबित होगा।
उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल बड़े स्टेडियम या आधुनिक खेल सुविधाएं तैयार करना नहीं है, बल्कि एक ऐसा वातावरण बनाना है जहां खिलाड़ी बचपन से ही खेलों को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित हों।
खेल विकास में सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, पूरा इकोसिस्टम बनाने पर जोर
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री Conrad Sangma ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि खेल विकास केवल भवनों और मैदानों के निर्माण से पूरा नहीं होता। इसके लिए एक व्यापक खेल इकोसिस्टम की आवश्यकता होती है, जिसमें शुरुआती स्तर पर प्रतिभा की पहचान से लेकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया शामिल होती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान इस बात पर है कि स्कूल स्तर से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचाना जाए और उन्हें सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही खिलाड़ियों को मानसिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर भी काम किया जाएगा, ताकि वे बड़े मंचों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
खिलाड़ियों की प्रेरणादायक कहानियों से मिला उत्साह
इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वह सत्र रहा जिसमें विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा किए। इन खिलाड़ियों ने अपने संघर्ष, मेहनत और सफलता की कहानियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि निरंतर अभ्यास और अनुशासन के बिना सफलता संभव नहीं है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों की यात्रा युवा पीढ़ी के लिए एक मजबूत प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि इन कहानियों से यह स्पष्ट होता है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो, तो किसी भी स्तर की सफलता हासिल की जा सकती है।
युवाओं की क्षमता पर सरकार का भरोसा
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि मेघालय के युवाओं में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें सही अवसर और उचित मार्गदर्शन मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा मंच देना है जहां वे अपने करियर को सुरक्षित और स्थायी रूप से आगे बढ़ा सकें। खेलों को एक वैकल्पिक करियर के रूप में स्थापित करना भी राज्य की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
दीर्घकालिक खेल नीति और विकास रणनीति
मेघालय सरकार ने खेलों के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीति अपनाई है। इस रणनीति का उद्देश्य राज्य को खेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाना है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि हर स्तर पर खिलाड़ियों को समान अवसर मिल सके।
इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए वित्तीय सहायता, छात्रवृत्ति और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी मजबूत किया जा रहा है। सरकार खेल विज्ञान और आधुनिक तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है ताकि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रदर्शन कर सकें।
शिलांग में खेल संस्कृति का विस्तार
शिलांग, जो पहले से ही अपने खेल प्रेम और फुटबॉल संस्कृति के लिए जाना जाता है, अब एक व्यापक खेल केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। कॉन्क्लेव में इस बात पर भी चर्चा हुई कि स्थानीय और पारंपरिक खेलों को आधुनिक खेल ढांचे के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है ताकि राज्य की सांस्कृतिक पहचान भी बनी रहे और खेलों का विकास भी हो।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि स्कूल स्तर पर खेल गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दिया जाए ताकि बच्चे कम उम्र से ही खेलों के प्रति गंभीरता दिखाएं और उन्हें पेशेवर रूप में अपनाने की दिशा में आगे बढ़ें।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भागीदारी का विस्तार
कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि राज्य के खिलाड़ियों को अधिक से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर दिया जाना चाहिए। इससे न केवल उनका अनुभव बढ़ेगा बल्कि वे उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और आने वाले वर्षों में मेघालय के खिलाड़ी अधिक संख्या में राष्ट्रीय टीमों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दिखाई देंगे










