एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने Meta की AI रणनीति की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी सबसे प्रभावी तरीके से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर रही है। AI की मदद से कंटेंट, विज्ञापन और बिजनेस ऑपरेशंस में बड़े बदलाव आए हैं।
Tech: California मेटा की AI क्षमताओं को लेकर एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने बड़ा बयान दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि AI के व्यावहारिक उपयोग के मामले में Meta फिलहाल सबसे आगे है। कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म पर कंटेंट रिकमेंडेशन, विज्ञापन प्रदर्शन और बिजनेस ऑटोमेशन को AI की मदद से नए स्तर पर पहुंचाया है।
AI ने बदल दिया Meta का बिजनेस मॉडल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती दौड़ के बीच Meta लगातार अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर और नए टूल्स पर निवेश बढ़ा रही है। इसी बीच एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने कंपनी की रणनीति को उद्योग के लिए एक उदाहरण बताया है। उनका कहना है कि Meta ने AI को सिर्फ एक तकनीक के रूप में नहीं बल्कि अपने पूरे बिजनेस मॉडल का हिस्सा बना लिया है।
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हुआंग के अनुसार, कंपनी के प्लेटफॉर्म पर AI अब केवल यूजर रिकमेंडेशन तक सीमित नहीं है। यह कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन, विज्ञापन टार्गेटिंग और मार्केटिंग ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे यूजर्स को अधिक प्रासंगिक कंटेंट मिलता है और विज्ञापनदाताओं को बेहतर परिणाम हासिल हो रहे हैं।
अरबों यूजर्स का डेटा बना सबसे बड़ी ताकत
Meta के पास Facebook, Instagram, WhatsApp और अन्य प्लेटफॉर्म्स के जरिए रोजाना अरबों सक्रिय यूजर्स का विशाल नेटवर्क मौजूद है। यही बड़ा यूजर बेस कंपनी को AI मॉडल्स को लगातार बेहतर बनाने में मदद करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी मात्रा में उपलब्ध डेटा AI सिस्टम को अधिक सटीक सुझाव देने और यूजर व्यवहार को समझने में सक्षम बनाता है। इसी वजह से Meta अपने विज्ञापन कारोबार की प्रभावशीलता बढ़ाने में सफल रही है। कंपनी के लिए AI सिर्फ नई तकनीक नहीं बल्कि कमाई बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन भी बन गया है।
बिजनेस एजेंट से ऑटोमेशन को मिलेगा बढ़ावा
हाल ही में Meta ने एक नया AI बिजनेस एजेंट भी पेश किया है। इसका उद्देश्य कंपनियों को कस्टमर सपोर्ट, बिक्री प्रक्रिया और रोजमर्रा के कार्यों को ऑटोमेट करने में सहायता देना है।
कंपनी का दावा है कि यह AI आधारित सिस्टम व्यवसायों की उत्पादकता में कई गुना तक वृद्धि कर सकता है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर काम करने वाला यह एजेंट ग्राहकों के सवालों का जवाब देने, उत्पादों की जानकारी साझा करने और अन्य सामान्य कार्यों को स्वतः पूरा करने में सक्षम होगा।
निवेश पर उठ रहे हैं सवाल
हालांकि Meta की AI रणनीति को लेकर उद्योग जगत में उत्साह है, लेकिन कुछ विशेषज्ञ कंपनी के बढ़ते खर्च को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। उनका मानना है कि AI पर हो रहा भारी निवेश तभी सफल माना जाएगा जब भविष्य में इससे लगातार मजबूत वित्तीय लाभ मिलता रहे।
फिलहाल Meta अपने AI विजन को आगे बढ़ाने के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रही है। वहीं एनवीडिया जैसे प्रमुख तकनीकी साझेदारों का समर्थन यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में AI कंपनी की विकास रणनीति का सबसे अहम हिस्सा बना रह सकता है।








