Meta Project Petal: अमेरिका-फ्रांस के बीच बिछेगी 7000 KM की समुद्री केबल, 1 पेटाबिट प्रति सेकंड होगी स्पीड

Meta Project Petal के तहत अमेरिका-फ्रांस के बीच 7,000 KM समुद्री केबल बिछेगी। 2029 तक 1 पेटाबिट प्रति सेकंड डेटा क्षमता का लक्ष्य है।

Meta Project Petal के जरिए अमेरिका और फ्रांस के बीच करीब 7,000 किलोमीटर लंबी समुद्री केबल बिछाने की योजना है। 2029 में प्रस्तावित यह प्रोजेक्ट मल्टी-कोर फाइबर तकनीक से डेटा ट्रांसफर क्षमता बढ़ाने और AI व क्लाउड सेवाओं की जरूरतें पूरी करने पर केंद्रित है।

Meta Project Petal: Meta समुद्र के नीचे इंटरनेट कनेक्टिविटी की क्षमता बढ़ाने के लिए एक नई ट्रांसअटलांटिक केबल परियोजना पर काम कर रही है। इसके तहत अमेरिका और फ्रांस को जोड़ने वाली करीब 7,000 किलोमीटर लंबी केबल बिछाने की योजना है, जिसे 2029 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित सिस्टम में मल्टी-कोर फाइबर तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे बढ़ते AI, डेटा सेंटर और क्लाउड ट्रैफिक को संभालने में मदद मिल सकती है।

AI और डेटा सेंटर्स के बढ़ते ट्रैफिक के लिए Meta की तैयारी

Meta अमेरिका और यूरोप के बीच डेटा ट्रांसफर क्षमता बढ़ाने के लिए Project Petal के तहत नई समुद्री केबल बिछाने की योजना बना रही है। यह केबल अमेरिका को फ्रांस से जोड़ेगी और इसकी लंबाई लगभग 7,000 किलोमीटर बताई गई है। परियोजना को 2029 में शुरू करने की योजना है।

Meta Project Petal: अमेरिका-फ्रांस के बीच बिछेगी 7000 KM की समुद्री केबल, 1 पेटाबिट प्रति सेकंड होगी स्पीड

समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली केबल दुनिया भर में इंटरनेट कनेक्टिविटी का अहम हिस्सा हैं। इनके जरिए अलग-अलग देशों के नेटवर्क आपस में जुड़ते हैं और बड़ी मात्रा में डेटा एक जगह से दूसरी जगह पहुंचता है। AI मॉडल, बड़े डेटा सेंटर्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और क्लाउड सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल से इन नेटवर्कों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

Meta का यह प्रोजेक्ट इसी बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य अपनी डेटा ट्रांसफर क्षमता बढ़ाना है, ताकि भविष्य में डिजिटल सेवाओं के बढ़ते ट्रैफिक को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

मल्टी-कोर फाइबर तकनीक से बढ़ेगी डेटा ट्रांसफर क्षमता

Project Petal की प्रमुख खासियत इसका केबल डिजाइन बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें केबल की मोटाई बढ़ाने के बजाय एक स्टैंडर्ड ग्लास फाइबर स्ट्रैंड के भीतर दो स्वतंत्र लाइट-गाइडिंग कोर का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीक को मल्टी-कोर फाइबर कहा जाता है।

ऑप्टिकल फाइबर में डेटा प्रकाश के संकेतों के रूप में ट्रांसफर होता है। एक ही फाइबर के भीतर दो अलग-अलग कोर का इस्तेमाल करने से डेटा ले जाने की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इससे केबल के आकार में बड़ा बदलाव किए बिना अधिक डेटा ट्रांसफर करने की संभावना बनती है।

रिपोर्ट के अनुसार, Project Petal में 24 फाइबर-पेयर सिस्टम के साथ दो-कोर फाइबर तकनीक का इस्तेमाल करने की योजना है। इससे सिस्टम की क्षमता 48 फाइबर पेयर वाले पारंपरिक डिजाइन के बराबर हो सकती है। इस परियोजना में जापान की Sumitomo और NEC भी तकनीकी सहयोग दे रही हैं।

हालांकि, वास्तविक नेटवर्क क्षमता और प्रदर्शन का आकलन परियोजना के अंतिम डिजाइन, इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों और परिचालन स्थितियों के आधार पर ही किया जा सकेगा।

1 पेटाबिट प्रति सेकंड की क्षमता से क्या बदलेगा?

Project Petal के लिए 1 पेटाबिट प्रति सेकंड तक डेटा ट्रांसफर क्षमता का लक्ष्य बताया गया है। यह लगभग 10 लाख गीगाबिट प्रति सेकंड के बराबर है। इतनी बड़ी क्षमता का उद्देश्य अमेरिका और यूरोप के बीच भारी मात्रा में डेटा के आदान-प्रदान को अधिक प्रभावी बनाना है।

इस तरह के नेटवर्क से AI मॉडल की ट्रेनिंग और संचालन, डेटा सेंटर्स के बीच संचार, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म की कनेक्टिविटी को फायदा मिल सकता है। वीडियो स्ट्रीमिंग, Reels और अन्य ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भी अधिक क्षमता वाला नेटवर्क महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

इस तकनीक का एक संभावित फायदा यह भी है कि केबल की मोटाई बढ़ाए बिना उसकी क्षमता बढ़ाने से कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी चुनौतियां कम हो सकती हैं। हालांकि, इससे कुल लागत या बिजली की खपत में कितनी बचत होगी, यह परियोजना के वास्तविक क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

Meta की योजना 2029 में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की है। यदि यह निर्धारित क्षमता और प्रदर्शन हासिल कर लेता है, तो मल्टी-कोर फाइबर तकनीक भविष्य की समुद्री केबल परियोजनाओं के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।

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