महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज, प्रियंका चतुर्वेदी ने शिंदे और बीजेपी पर साधा निशाना

महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एकनाथ शिंदे और बीजेपी पर निशाना साधते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।

Priyanka Chaturvedi ने शनिवार को Bharatiya Janata Party पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी विपक्षी दलों को कमजोर करने और उन्हें पूरी तरह समाप्त करने की कोशिश कर रही है।

मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने शनिवार (13 जून) को केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

“जब-जब शिंदे दिल्ली जाते हैं…” — टूट की अटकलों पर प्रतिक्रिया

मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका चतुर्वेदी ने उनकी पार्टी में संभावित टूट को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दिल्ली जाते हैं, तब-तब ऐसी अटकलें शुरू हो जाती हैं कि शिवसेना (UBT) में विभाजन हो सकता है। उन्होंने इन दावों को राजनीतिक अफवाह बताते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और इस तरह की चर्चाओं का कोई आधार नहीं है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं अपने मूल उद्देश्य से भटक रही हैं। उन्होंने कहा कि आज जो भी मामले दर्ज हो रहे हैं, वे उन नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हैं जो सरकार की नीतियों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठा रहे हैं। उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।

पश्चिम बंगाल की स्थिति का भी जिक्र

इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल में हाल की कानूनी और राजनीतिक घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर कार्रवाई हो रही है, वे राजनीतिक रूप से सक्रिय और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने दावा किया कि यह स्थिति बताती है कि विपक्षी आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए।

अपने बयान में उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में जो एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, वे अक्सर उन लोगों के खिलाफ होती हैं जो सरकार की नीतियों के खिलाफ सख्ती से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे यह समझें कि संस्थाएं किस तरह से काम कर रही हैं और किस दिशा में जा रही हैं।

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