रिपोर्ट के अनुसार ISIS महाराष्ट्र में अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और ‘लोन वुल्फ’ हमलों की रणनीति अपना रहा है। हालिया घटनाओं में ठाणे हमला और ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाने के मामले सामने आए हैं।
Mumbai: ISIS की कथित गतिविधियों और सुरक्षा अलर्ट खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ISIS भारत में, खासकर महाराष्ट्र में, अपने नेटवर्क और प्रचार को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में ठाणे में एक कथित ‘लोन वुल्फ’ हमले के बाद जांच तेज हुई है, जिसमें ऑनलाइन कट्टरपंथ और अकेले हमले की रणनीति का संकेत मिला। एजेंसियां युवाओं को निशाना बनाने और डिजिटल माध्यम से प्रभावित करने की कोशिशों पर नजर बनाए हुए हैं।
महाराष्ट्र में ISIS के पैटर्न पर बढ़ी सुरक्षा चिंता, ‘लोन वुल्फ’ हमलों पर एजेंसियों की नजर

नई दिल्ली/महाराष्ट्र में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने चिंता जताई है। हालिया घटनाओं के बाद यह संकेत मिला है कि संगठन का फोकस केरल के साथ-साथ महाराष्ट्र में भी बढ़ता जा रहा है। खासकर ठाणे में हाल ही में दो सुरक्षा गार्डों पर हुए कथित ‘लोन वुल्फ’ हमले ने जांच एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी जैब जुबैर अंसारी द्वारा छोड़े गए नोट में ISIS से जुड़ने की मंशा का जिक्र किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, यह पैटर्न संगठन की पारंपरिक ‘लोन वुल्फ’ रणनीति से मेल खाता है, जिसमें व्यक्ति अकेले ही कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित होकर हमला करता है।
ऑनलाइन कट्टरपंथ और अकेले युवाओं को निशाना बनाने की रणनीति
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ISIS अब बड़े पैमाने पर ट्रेनिंग कैंप की बजाय ऑनलाइन माध्यमों से युवाओं को प्रभावित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। रिपोर्टों में कहा गया है कि संगठन उन लोगों को निशाना बना रहा है जो अकेलेपन, तनाव या मानसिक दबाव से गुजर रहे होते हैं।
अधिकारियों का मानना है कि इसी तरह के मामलों में कुछ व्यक्तियों को डिजिटल कंटेंट के जरिए कट्टरपंथी बनाया गया और फिर उन्हें अकेले हमले करने के लिए प्रेरित किया गया। एजेंसियों के मुताबिक, यह तरीका संगठन के पिछले कई वर्षों से देखे जा रहे डिजिटल पैटर्न से मेल खाता है, जिसमें ऑफलाइन नेटवर्क की तुलना में ऑनलाइन भर्ती अधिक सक्रिय है।
महाराष्ट्र में सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी निगरानी और कार्रवाई
महाराष्ट्र में हाल के महीनों में ISIS से जुड़े मामलों में तेजी आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। ठाणे, पुणे और आसपास के कुछ क्षेत्रों को संवेदनशील माना जा रहा है, जहां संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
इसी क्रम में हाल ही में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और महाराष्ट्र ATS ने संयुक्त कार्रवाई में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिन पर ISIS मॉड्यूल से जुड़े होने के आरोप हैं। जांच में यह भी सामने आया कि ऑनलाइन माध्यमों से प्रभावित कर कुछ लोगों को विस्फोटक और हमले की योजनाओं की ओर प्रेरित किया जा रहा था।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती
अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा खतरा पारंपरिक आतंकी गतिविधियों से अलग है, क्योंकि इसमें ‘लोन वुल्फ’ हमलों की संभावना अधिक है। ऐसे मामलों में व्यक्ति अकेले योजना बनाकर हमला करता है, जिससे रोकथाम और निगरानी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन कट्टरपंथ और डिजिटल नेटवर्किंग के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की यह प्रवृत्ति सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती पेश कर रही है। इसी कारण साइबर निगरानी और स्थानीय स्तर पर इंटेलिजेंस नेटवर्क को और मजबूत किए जाने पर जोर दिया जा रहा है।










