महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आगामी 13 मई को होने वाले Maharashtra Legislative Council Election 2026 को लेकर सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिल सकता है।
मुंबई: महाराष्ट्र में Maharashtra Legislative Council चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य में परिषद की 9 रिक्त सीटों के लिए 13 मई को मतदान होना तय है, लेकिन इससे पहले ही राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच चुकी हैं। इस चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन Mahayuti और विपक्षी गठबंधन Maha Vikas Aghadi के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है। दोनों ही गठबंधन संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन कर रहे हैं और रणनीति बनाने में जुटे हैं।
संख्याबल के लिहाज से देखा जाए तो सत्ताधारी महायुति को बढ़त मिलती नजर आ रही है, जिससे उसे अधिक सीटें हासिल होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, महाविकास अघाड़ी भी अपने समीकरणों के दम पर कुछ सीटें निकालने की कोशिश में है।
महायुति बनाम महाविकास अघाड़ी: किसका पलड़ा भारी?
मौजूदा राजनीतिक गणित के अनुसार, सत्ताधारी गठबंधन महायुति इस चुनाव में मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि:
- महायुति (BJP + शिंदे शिवसेना + अजित पवार NCP): 8 सीटें
- महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस + शिवसेना UBT + NCP शरद पवार गुट): 1 सीट
यह आंकड़ा विधानसभा में विधायकों की संख्या और वोटिंग पैटर्न को देखते हुए सामने आ रहा है।
उम्मीदवारों को लेकर तेज हुई सियासत
विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी में उम्मीदवारों को लेकर अभी पूरी सहमति नहीं बन पाई है। Uddhav Thackeray का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने संकेत दिया है कि यदि उद्धव ठाकरे मैदान में उतरते हैं, तो उन्हें समर्थन दिया जा सकता है। कांग्रेस की ओर से संभावित नामों में शामिल हैं:
- बालासाहेब थोरात
- हर्षवर्धन सपकाल
- सचिन सावंत
- राजेश राठौड़
- मुजफ्फर हुसैन
वहीं Shiv Sena (UBT) की तरफ से अंबादास दानवे, सुषमा अंधारे और विनायक राउत जैसे नेता दावेदारी में हैं।

महायुति में सीट बंटवारे का फॉर्मूला
सत्ताधारी महायुति गठबंधन में सीटों को लेकर लगभग स्पष्ट तस्वीर सामने आ रही है:
- Bharatiya Janata Party (भाजपा): 6 सीटों पर दावा
- Shiv Sena (Eknath Shinde faction): 2 सीटें
- Nationalist Congress Party (Ajit Pawar faction): 1 सीट
भाजपा इस बार अपने संगठन से जुड़े निष्ठावान चेहरों को मौका देने की रणनीति पर काम कर रही है। संभावित नामों में केशव उपाध्ये, माधवी नाइक, संदीप जोशी और राम सातपुते जैसे नेता शामिल बताए जा रहे हैं। शिंदे गुट से नीलम गोर्हे का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि अन्य नामों पर भी विचार जारी है।
NCP गुटों में भी रणनीतिक मुकाबला
अजित पवार गुट की Nationalist Congress Party से अमोल मिटकरी और आनंद परांजपे जैसे नेता दावेदारी कर रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि विपक्षी गठबंधन में एकजुटता नहीं बनती, तो भाजपा इस मौके का फायदा उठाकर अतिरिक्त उम्मीदवार उतार सकती है और विपक्षी वोटों में सेंध लगा सकती है।
महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 विधायक हैं। विधान परिषद चुनाव में जीत के लिए उम्मीदवार को लगभग 29 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। इस गणित के आधार पर महायुति के पास स्पष्ट बढ़त है, क्योंकि उसके पास पर्याप्त संख्या में विधायक हैं, जबकि विपक्षी गठबंधन को अपने सीमित वोटों को एकजुट रखना बड़ी चुनौती होगी।









