महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026: महायुति ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, बागियों से की नाम वापस लेने की अपील

महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के चुनाव से पहले महायुति ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। गठबंधन ने बागी नेताओं से नाम वापस लेने की अपील की है,

Mahayuti ने महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस गठबंधन में Bharatiya Janata Party, Nationalist Congress Party और Shiv Sena शामिल हैं।

मुंबई: महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्था विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन—भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)—ने अपने अधिकृत उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इसके साथ ही गठबंधन ने बागी उम्मीदवारों से नामांकन वापस लेने की अपील भी की है, ताकि आंतरिक मतभेदों को रोका जा सके।

17 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार घोषित

3 जून को जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार महायुति ने राज्य की 17 विधान परिषद सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं। यह चुनाव स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा कराया जाएगा, जो राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। घोषित प्रमुख उम्मीदवारों में नागपुर से डॉ. राजीव पोटदार, भंडारा-गोंदिया से अविनाश ब्राह्मणकर, अमरावती से प्रवीण पोटे, अहमदनगर से प्राजक्त तनपुरे, ठाणे से रविंद्र फाटक, नासिक से नरेंद्र दराडे और पुणे से विक्रम काकडे शामिल हैं।

पुणे सीट से संजय काकडे के बेटे विक्रम काकडे को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी पार्टी ने अनुभवी और संगठन से जुड़े चेहरों को प्राथमिकता दी है।

बागियों से नाम वापस लेने की अपील

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026: महायुति ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, बागियों से की नाम वापस लेने की अपील

उम्मीदवारों की घोषणा एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से की गई, जिसमें भाजपा महाराष्ट्र अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण, एनसीपी (अजित पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और शिवसेना नेता राहुल शेवाले मौजूद रहे। तीनों नेताओं के हस्ताक्षर से जारी सूची में महायुति की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आधिकारिक रूप से उम्मीदवारों की घोषणा की गई और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में जुटने का निर्देश दिया गया।

महायुति नेताओं ने चुनाव से पहले ही आंतरिक असंतोष और संभावित बागियों को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। गठबंधन ने अपील की है कि जिन नेताओं ने स्वतंत्र रूप से नामांकन दाखिल किया है, वे पार्टी और गठबंधन के हित में अपना नाम वापस लें। महायुति का मानना है कि बिखराव की स्थिति चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती है, इसलिए एकजुट होकर चुनाव लड़ना जरूरी है।

एनसीपी को मिलीं दो सीटें, गठबंधन में संतुलन की कोशिश

सूत्रों के अनुसार, एनसीपी (अजित पवार गुट) ने अपनी प्रमुख मांगों पर जोर बनाए रखा और अंततः गठबंधन में दो सीटें हासिल करने में सफल रही। इनमें पुणे और रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग (कोंकण क्षेत्र) की सीटें शामिल हैं। पुणे सीट से विक्रम काकडे को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि कोंकण क्षेत्र से पूर्व विधायक अनिकेत तटकरे को मैदान में उतारा गया है। यह सीट वितरण महायुति के भीतर संतुलन बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

कोंकण क्षेत्र को लेकर शिवसेना और एनसीपी के बीच पहले कुछ मतभेद सामने आए थे, लेकिन अंततः बातचीत के जरिए समाधान निकाल लिया गया। महाराष्ट्र विधान परिषद की स्थानीय स्वराज्य संस्था श्रेणी के इन चुनावों के लिए मतदान 18 जून को आयोजित किया जाएगा। राजनीतिक दलों ने अब अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

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